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पाकिस्तान: संसद की कार्यवाही स्थगित, अब 28 मार्च को पेश होगा अविश्वास प्रस्ताव, इमरान का साथ छोड़ विपक्ष के साथ मिल गई सहयोगी पार्टी
Fri, 25 Mar 2022 11:51 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Fri, 25 Mar 2022 11:51 AM IST
सार
Pakistan Opposition seals deal with key Imran Khan ally MQM-P ahead of no trust vote news in hindi- पीपीपी के महासचिव फरहातुल्ला बाबर ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि एमक्यूएम से बातचीत के बाद पूरे मामले पर समझौता हो गया है। संभव है कि इमरान सरकार के कुछ मंत्री भी विपक्ष का साथ देंगे।
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इमरान खान(फाइल)
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार के खिलाफ आज यानी 25 मार्च को पेश होने वाले अविश्वास प्रस्ताव को अब तीन दिन के लिए टाल दिया गया है। बताया गया है कि एक सांसद की मौत के कारण स्पीकर असद कैसर ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की तारीख 28 मार्च (सोमवार) कर दी है। बताया गया है कि इमरान सरकार के खिलाफ इस प्रस्ताव पर वोटिंग अगले हफ्ते ही हो सकती है।
इस बीच इमरान की बहुमत साबित करने से पहले साथी पार्टियों को मनाने की ही उनकी कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। अब नेशनल असेंबली में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की सहयोगी पार्टी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) ने भी विपक्ष का साथ देने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि वह इमरान खान को पीएम पद से हटाने में विपक्षी दलों के गठबंधन का सहयोग करेगी।
मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान मौजूदा समय में सत्तासीन पीटीआई की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है। उसके पास नेशनल असेंबली में सात सांसद हैं। काफी लंबे समय से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) एमक्यूएम को तोड़ने की कोशिश में थे। हालांकि, पीपीपी और एमक्यूएम के बीच समझौता अब हुआ है।
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पीपीपी के महासचिव फरहातुल्ला बाबर ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि एमक्यूएम से बातचीत के बाद पूरे मामले पर समझौता हो गया है। संभव है कि इमरान सरकार के कुछ मंत्री भी विपक्ष का साथ देंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमक्यूएम-पी ने इमरान सरकार के गिरने के बाद अपने लिए मंत्रीपदों की मांग रखी है। इसके अलावा कराची और हैदराबाद में भी पैर जमाने में मदद की मांग की है।
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इस बीच इमरान की बहुमत साबित करने से पहले साथी पार्टियों को मनाने की ही उनकी कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। अब नेशनल असेंबली में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की सहयोगी पार्टी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) ने भी विपक्ष का साथ देने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि वह इमरान खान को पीएम पद से हटाने में विपक्षी दलों के गठबंधन का सहयोग करेगी।
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मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान मौजूदा समय में सत्तासीन पीटीआई की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है। उसके पास नेशनल असेंबली में सात सांसद हैं। काफी लंबे समय से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) एमक्यूएम को तोड़ने की कोशिश में थे। हालांकि, पीपीपी और एमक्यूएम के बीच समझौता अब हुआ है।
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पीपीपी के महासचिव फरहातुल्ला बाबर ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि एमक्यूएम से बातचीत के बाद पूरे मामले पर समझौता हो गया है। संभव है कि इमरान सरकार के कुछ मंत्री भी विपक्ष का साथ देंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमक्यूएम-पी ने इमरान सरकार के गिरने के बाद अपने लिए मंत्रीपदों की मांग रखी है। इसके अलावा कराची और हैदराबाद में भी पैर जमाने में मदद की मांग की है।