{"_id":"66fa9cebf49608d73d094b63","slug":"pakistan-news-updates-islamabad-lahore-punjab-sindh-balochistan-khyber-pakhtunkhwa-news-in-hindi-2024-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pakistan: तोशाखाना मामले में इमरान खान और बुशरा बीबी की जमानत याचिका खारिज; दो अक्तूबर को होगी अगली सुनवाई","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Pakistan: तोशाखाना मामले में इमरान खान और बुशरा बीबी की जमानत याचिका खारिज; दो अक्तूबर को होगी अगली सुनवाई
Mon, 30 Sep 2024 06:13 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 30 Sep 2024 06:13 PM IST
सार
Pakistan: पाकिस्तान की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की नए तोशाखाना मामले में जमानत याचिका खारिज की। उन पर राज्य को मिले तोहफों को हासिल करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप है।
विज्ञापन
पाकिस्तान न्यूज अपडेट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पाकिस्तान की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की नए तोशाखाना मामले में जमानत याचिका खारिज की। उन पर राज्य को मिले तोहफों को हासिल करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप है। खान बीते एक साल से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।
विज्ञापन
जिओ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, विशेष न्यायाधीश शाहरुख अरजुमंद ने अदियाला जेल में जमानत याचिका पर फैसला सुनाया, जहां इमरान खान और बुशरा बीबी मौजूद थे। यह घटनाक्रम तब सामने आया है, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) से हटाकर संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को सौंपा गया है। मामले पर अगली सुनवाई 2 अक्तूबर को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
लाहौर में अहमदियों की कब्रों से हटाए गए शिलालेख
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की पुलिस पर धार्मिक चरमपंथियों के दबाव के चलते अहमदियों की कब्रों से शिलालेख हटाने का आरोप लगा है। जमात-ए-अहमदिया पाकिस्तान (जेएपी) ने सोमवार को बताया कि पुलिस ने कब्रों पर लगे शिलालेखों को काले रंग से ढक दिया।
जेएपी के अमीर महमूद ने बताया कि चरमपंथियों की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस ने वेहारी में एक कब्रिस्तान में अहमदी कब्रों पर लगे पवित्र शिलालेखों को मिटा दिया। वेहारी, लाहौर से करीब 330 किलोमीटर दूर है। उन्होंने बताया कि तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के कट्टरपंथियों ने दबाव डाला था कि अगर शिलालेख नहीं हटाए गए तो वे यह काम खुद करेंगे।