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इमरान की कुर्सी गई! : मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान ने छोड़ा सत्तारूढ़ गठबंधन का साथ, अब अविश्वास प्रस्ताव की औपचारिकता शेष
Wed, 30 Mar 2022 08:35 AM IST
सुरेंद्र जोशी
एएनआई, इस्लामाबाद
एएनआई, इस्लामाबाद
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Wed, 30 Mar 2022 08:35 AM IST
सार
एमक्यूएम-पी द्वारा इमरान की पार्टी पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का साथ छोड़ना बड़ा झटका है, क्योंकि उनके समर्थक दलों व सांसदों की संख्या लगातार घट रही है। उनकी सरकार अल्पमत में आ चुकी है।
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इमरान खान की जाएगी कुर्सी?
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
पाकिस्तान की करीब चार साल पुरानी इमरान खान की सरकार की विदाई तय हो गई है। इसके साथ ही देश में सियासी संकट और गहरा सकता है। पीएम इमरान खान नीत पीटीआई के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन से मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट- पाकिस्तान (MQM-P) ने भी नाता तोड़ लिया है। उसने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान में विपक्ष का साथ देने का एलान किया है।
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एमक्यूएम-पी द्वारा इमरान की पार्टी पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का साथ छोड़ना बड़ा झटका है, क्योंकि उनके समर्थक दलों व सांसदों की संख्या लगातार घट रही है। उनकी सरकार अल्पमत में आ चुकी है। जियो टीवी के अनुसार इमरान सरकार पाकिस्तानी संसद के निचले सदन में बहुमत खो चुकी है, भले ही पाक नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान तीन अप्रैल को होने वाला है और इसके बाद औपचारिक पतन होगा।
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पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की कुल सदस्य संख्या 342 है। बहुमत के लिए 172 सांसदों का समर्थन चाहिए। इमरान नीत पीटीआई गठबंधन के पास 179 सदस्य थे, लेकिन MQM-P द्वारा साथ छोड़ने से उसके पास 164 सदस्य रह गए हैं। दूसरी ओर विपक्ष की संख्या बढ़कर 177 हो गई है। इमरान के 24 सांसद बागी बताए जा रहे हैं, अब यदि वे अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष का समर्थन नहीं करें तो भी सरकार गिर जाएगी।
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एमक्यूएम-पी ने विपक्ष को समर्थन देने का फैसला तब किया जब दोनों पक्षों ने कराची के प्रशासक मुर्तजा वहाब द्वारा तैयार किए गए एक मसौदे पर हस्ताक्षर किए। पाकिस्तान के जियो टीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि हस्ताक्षर करने वालों में नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ, पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी भी शामिल हैं।
एमक्यूएम-पी के नेता फैजल सुब्जवारी ने अपनी पार्टी के विपक्ष के साथ होने की पुष्टि की है। उन्होंने ट्वीट किया कि संयुक्त विपक्ष और MQM-P के बीच समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। इससे पहले मंगलवार को एमक्यूएम-पी ने सत्तारूढ़ दल पर दबाव बनाने के लिए सरकार से तीन मांगों को पूरा करने के लिए कहा था। इनमें पार्टी के 100 से अधिक लापता कार्यकर्ताओं की सुरक्षित वापसी, पार्टी के सील किए गए दफ्तरों को फिर से खोलना और पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे और निराधार मामलों को खत्म करना शामिल थीं। एमक्यूएम-पी नेता वसीम अख्तर ने कहा कि अगर पंजाब के मुख्यमंत्री का स्लॉट नेशनल असेंबली में सिर्फ पांच सीटों वाली पार्टी (पीएमएल-क्यू) को दिया जा सकता है, तो एमक्यूएम-पी के तो सात सदस्य हैं।