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Pakistan: लापता कश्मीरी कवि पीओके की जेल में मिले, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
Wed, 29 May 2024 08:17 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 29 May 2024 08:17 PM IST
सार
जस्टिस मोहसिन अख्तर कयानी ने 24 मई को पाकिस्तान की सभी खुफिया एजेंसी, जिनमें आईएसआई, मिलिट्री इंटेलीजेंस और डायरेक्टर ऑफ इंटेलीजेंस ब्यूरो के साथ ही कानून मंत्री आजम तरार, रक्षा और आंतरिक मामलों के सचिवों को आठ पेज का समन भेजा।
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इस्लामाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पाकिस्तान में कश्मीर के एक कवि बीते कई दिनों से लापता थे, अब वे पीओके पुलिस की हिरासत में मिले हैं। बुधवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट को इसकी जानकारी दी गई। कश्मीर के कवि अहमद फरहाद की पत्नी ने इस्लामाबाद होईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया था कि उनके पति दो हफ्ते से गायब हैं और रावलपिंडी स्थित घर से उनका अपहरण कर लिया गया था।
हाईकोर्ट की सख्ती से हरकत में आईं खुफिया एजेंसियां
इस पर याचिका पर सुनवाई कर रहे जस्टिस मोहसिन अख्तर कयानी ने 24 मई को पाकिस्तान की सभी खुफिया एजेंसी, जिनमें आईएसआई, मिलिट्री इंटेलीजेंस और डायरेक्टर ऑफ इंटेलीजेंस ब्यूरो के साथ ही कानून मंत्री आजम तरार, रक्षा और आंतरिक मामलों के सचिवों को आठ पेज का समन भेजा। इस समन के बाद बुधवार को किसी खुफिया एजेंसी के अधिकारी तो कोर्ट में पेश नहीं हुए, लेकिन अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने बताया कि फरहाद फिलहाल पीओके पुलिस की हिरासत में हैं।
हालांकि किसी खुफिया एजेंसी ने फरहाद को हिरासत में रखने की जिम्मेदारी नहीं ली। अटॉर्नी जनरल अवान ने पीओके के धीरकोट पुलिस थाने की पुलिस रिपोर्ट भी दिखाई, जिसमें फरहाद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस्लामाबाद पुलिस के प्रमुख ने कोर्ट को बताया कि फरहाद पीओके पुलिस की हिरासत में हैं और पीओके इस्लामाबाद पुलिस के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आता है।
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कोर्ट ने जताई नाराजगी
कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति इस तरह गायब हो जाता है और फिर नहीं मिलता तो ये एक देश के तौर पर असफलता होगी। फरहाद विद्रोही कविताएं लिखने के लिए जाने जाते हैं और इसी वजह से वह पाकिस्तानी सरकार के निशाने पर हैं।
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हाईकोर्ट की सख्ती से हरकत में आईं खुफिया एजेंसियां
इस पर याचिका पर सुनवाई कर रहे जस्टिस मोहसिन अख्तर कयानी ने 24 मई को पाकिस्तान की सभी खुफिया एजेंसी, जिनमें आईएसआई, मिलिट्री इंटेलीजेंस और डायरेक्टर ऑफ इंटेलीजेंस ब्यूरो के साथ ही कानून मंत्री आजम तरार, रक्षा और आंतरिक मामलों के सचिवों को आठ पेज का समन भेजा। इस समन के बाद बुधवार को किसी खुफिया एजेंसी के अधिकारी तो कोर्ट में पेश नहीं हुए, लेकिन अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने बताया कि फरहाद फिलहाल पीओके पुलिस की हिरासत में हैं।
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हालांकि किसी खुफिया एजेंसी ने फरहाद को हिरासत में रखने की जिम्मेदारी नहीं ली। अटॉर्नी जनरल अवान ने पीओके के धीरकोट पुलिस थाने की पुलिस रिपोर्ट भी दिखाई, जिसमें फरहाद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस्लामाबाद पुलिस के प्रमुख ने कोर्ट को बताया कि फरहाद पीओके पुलिस की हिरासत में हैं और पीओके इस्लामाबाद पुलिस के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आता है।
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कोर्ट ने जताई नाराजगी
कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति इस तरह गायब हो जाता है और फिर नहीं मिलता तो ये एक देश के तौर पर असफलता होगी। फरहाद विद्रोही कविताएं लिखने के लिए जाने जाते हैं और इसी वजह से वह पाकिस्तानी सरकार के निशाने पर हैं।