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Pakistan: संविधान संशोधन को समर्थन देने से JUI-F का इनकार, मौलाना रहमान की पार्टी ने दावों को बताया अफवाह
Wed, 09 Oct 2024 03:52 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 09 Oct 2024 03:52 PM IST
सार
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) ने दावा किया है कि संसद में 'संवैधानिक पैकेज' पेश करने का फैसला सरकार ने उसके अनुरोध पर टाल दिया है।
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मौलाना फजलुर रहमान
- फोटो : एएनआई/रायटर्स
विस्तार
पाकिस्तान में सरकार द्वारा लाए जा रहे संविधान संशोधन प्रस्ताव पर हंगामा जारी है। इमरान खान की पार्टी पीटीआई इसका पुरजोर विरोध कर रही है, वहीं सरकार भी इस प्रस्ताव को पास कराने में अपना पूरा जोर लगा रही है। अब मौलाना फजलुर रहमान की पार्टी जेयूआई-एफ ने इस संशोधन प्रस्ताव को समर्थन देने की खबरों को अफवाह करार दिया है। दरअसल ऐसा दावा किया जा रहा था कि जेयूआई-एफ ने संविधान संशोधन को समर्थन दे दिया है।
एससीओ बैठक से पहले हंगामा नहीं चाहती पाकिस्तान सरकार
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) ने दावा किया है कि संसद में 'संवैधानिक पैकेज' पेश करने का फैसला सरकार ने उनके अनुरोध पर टाल दिया है। संशोधन के विरोध के बारे में पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है और जेयूआई-एफ ने मामले को 'विवादित' बताया। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा, 'अब इस मामले को एससीओ शिखर सम्मेलन के बाद उठाया जाएगा।' पाकिस्तान में अगले हफ्ते एससीओ सम्मेलन की बैठक होनी है, जिसमें विभिन्न देशों के राष्ट्र प्रमुख पाकिस्तान पहुंचेंगे। ऐसे में पाकिस्तान की सरकार भी किसी तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहती। इमरान खान की पार्टी पीटीआई द्वारा भी इस संविधान संशोधन का विरोध किया जा रहा है। इसे लेकर हाल ही में पीटीआई ने विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन किए थे, जिनमें हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं।
सोमवार को जेयूआई-एफ चीफ मौलाना फजलुर रहमान ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर एक बैठक में शिरकत की थी, जिसके बाद इस तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं कि जेयूआई-एफ ने सरकार द्वारा लाए जा रहे संविधान संशोधन के प्रस्ताव को अपना समर्थन दे दिया है, लेकिन बाद में जेयूआई-एफ ने दावा किया कि वह फलस्तीन के मुद्दे पर बहुदलीय बैठक में शामिल हुए थे। पार्टी प्रवक्ता के अनुसार, इन रिपोर्टों में कोई सच्चाई नहीं है। पार्टी ने कहा कि जेयूआई-एफ ने एक अलग संवैधानिक न्यायालय का समर्थन किया, लेकिन संवैधानिक संशोधन पर आपत्ति जताई।
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एससीओ बैठक से पहले हंगामा नहीं चाहती पाकिस्तान सरकार
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) ने दावा किया है कि संसद में 'संवैधानिक पैकेज' पेश करने का फैसला सरकार ने उनके अनुरोध पर टाल दिया है। संशोधन के विरोध के बारे में पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है और जेयूआई-एफ ने मामले को 'विवादित' बताया। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा, 'अब इस मामले को एससीओ शिखर सम्मेलन के बाद उठाया जाएगा।' पाकिस्तान में अगले हफ्ते एससीओ सम्मेलन की बैठक होनी है, जिसमें विभिन्न देशों के राष्ट्र प्रमुख पाकिस्तान पहुंचेंगे। ऐसे में पाकिस्तान की सरकार भी किसी तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहती। इमरान खान की पार्टी पीटीआई द्वारा भी इस संविधान संशोधन का विरोध किया जा रहा है। इसे लेकर हाल ही में पीटीआई ने विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन किए थे, जिनमें हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं।
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सोमवार को जेयूआई-एफ चीफ मौलाना फजलुर रहमान ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर एक बैठक में शिरकत की थी, जिसके बाद इस तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं कि जेयूआई-एफ ने सरकार द्वारा लाए जा रहे संविधान संशोधन के प्रस्ताव को अपना समर्थन दे दिया है, लेकिन बाद में जेयूआई-एफ ने दावा किया कि वह फलस्तीन के मुद्दे पर बहुदलीय बैठक में शामिल हुए थे। पार्टी प्रवक्ता के अनुसार, इन रिपोर्टों में कोई सच्चाई नहीं है। पार्टी ने कहा कि जेयूआई-एफ ने एक अलग संवैधानिक न्यायालय का समर्थन किया, लेकिन संवैधानिक संशोधन पर आपत्ति जताई।
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