फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan Khyber-Pakhtunkhwa government denies deal with Taliban

Pakistan: खैबर-पख्तूनख्वा सरकार ने तालिबान के साथ समझौते से किया इनकार, कहा-सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा

Thu, 20 Oct 2022 07:27 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेशावर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेशावर Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 20 Oct 2022 07:27 PM IST
सार

पाक इंस्टीट्यूट ऑफ पीस स्टडीज (पीआईपीएस) ने ‘अफगानिस्तान की स्थिति और पाकिस्तान की नीतिगत प्रतिक्रिया’ विषय पर एक रिपोर्ट जारी की है। थिंक टैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि हाल के महीने में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आंतकवादियों के अफगानिस्तान से वापसी की खबरों से खैबर पख्तूनख्वा के लोगों में भय और घबराहट का माहौल है।

विज्ञापन
Pakistan Khyber-Pakhtunkhwa government denies deal with Taliban
तालिबान के साथ समझौते से इनकार - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पाक इंस्टीट्यूट ऑफ पीस स्टडीज (पीआईपीएस) की ‘अफगानिस्तान की स्थिति और पाकिस्तान की नीतिगत प्रतिक्रिया’ विषय पर जारी रिपोर्ट के बाद पाकिस्तान की खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने गुरुवार को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ किसी भी तरह की समझौते की खबरों का खंडन किया है। इसके साथ ही खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने तालिबान के नेतृत्व से अपने लड़ाकों को वापस अफगानिस्तान बुलाने के लिए कहा है। 

विज्ञापन


सीएम के विशेष सहायक मुहम्मद अली सैफ ने बताया कि खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान स्वात जिले के पहाड़ी इलाकों में तालिबान आतंकवादियों के कथित रूप से फिर से संगठित होने के बाद पैदा हुई स्थिति की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। सीएम खान इस बात को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं कि प्रांत में किसी भी प्रकार की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ और कानून व्यवस्था को लेकर कोई रियायत ना बरती जाए।  
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने हाल ही में टीटीपी के स्थानीय कमांडरों के साथ मुलाकात की थी। जिसमें प्रांत में आतंकवाद को समाप्त किए जाने पर चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया कि लेकिन सोशल मीडिया पर इस मुलाकात के गलत मायने निकाले गए। वहां एक धारणा बनाई गई कि मलकंद डिवीजन और पूर्व संघीय प्रशासित जनजातीय क्षेत्रों (FATA) के कुछ क्षेत्रों को आतंकवादी समूह को सौंपने के बारे में प्रांत की सरकार आतंकवादी समूह के साथ समझौता कर रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा है। सरकार ने टीटीपी के साथ कानून के दायरे में रहकर ही वार्ता की है। इस दौरान सीएम के विशेष सहायक मुहम्मद अली सैफ ने जोर देकर कहा कि टीटीपी के साथ उसका कोई समझौता नहीं हुआ है। गौरतलब है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) पूरे पाकिस्तान में शरिया कानून लागू करना चाहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनका यह बयान तब आया है जब पाक इंस्टीट्यूट ऑफ पीस स्टडीज (पीआईपीएस) ने ‘अफगानिस्तान की स्थिति और पाकिस्तान की नीतिगत प्रतिक्रिया’ विषय पर एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान में तालिबान को सत्ता स्थापित करने में मदद करना अब भारी पड़ रहा है। थिंक टैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि हाल के महीने में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आंतकवादियों के अफगानिस्तान से वापसी की खबरों से खैबर पख्तूनख्वा के लोगों में भय और घबराहट का माहौल है। इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि आतंकवादियों की गतिविधियां खैबर पख्तूनख्वा के अहम स्थानों जैसे पेशावर, स्वात, दीर और टैंक में देखने को मिली है जो संकेत देता है कि उसका विस्तार हो रहा है। 


रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल में निचले दीर जिले की पुलिस ने स्थानीय लोगों को परामर्श जारी कर मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अपनी सुरक्षा की व्यवस्था करने को कहा था। पुलिस ने स्थानीय लोगों से बेवजह यात्रा नहीं करने और लाइसेंसी हथियार साथ रखने की सलाह दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed