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Pakistan: खदीजा शाह जेल से बाहर आते ही फिर गिरफ्तार; इमरान की पार्टी की नेता हैं पूर्व सेनाध्यक्ष की पोती
Fri, 17 Nov 2023 07:17 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Fri, 17 Nov 2023 07:17 PM IST
सार
पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख की पोती खदीजा शाह को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक खदीजा को लाहौर जेल से बाहर आते ही गिरफ्तार कर लिया गया।
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पाकिस्तान
- फोटो : ANI
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विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख की पोती खदीजा शाह को जेल से रिहा होने के बाद फिर से गिरफ्तार किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी की नेता खदीजा को नौ मई की हिंसा में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को रिहा होने के तुरंत बाद खदीजा को लाहौर में फिर से गिरफ्तार कर लिया गया।
जनरल आसिफ नवाज जंजुआ की पोती और पेशे से फैशन डिजाइनर खदीजा शाह को सार्वजनिक व्यवस्था रखरखाव (एमपीओ) अध्यादेश के तहत 30 दिनों की अवधि के लिए हिरासत में लिया गया था। पंजाब प्रांत की पुलिस ने कहा, "उनकी रिहाई से प्रांत में कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।" पंजाब प्रांत में लाहौर की कोट लखपत जेल से बाहर आते ही उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।
बीते नौ मई को हुई हिंसा के दौरान लाहौर कोर कमांडर हाउस और पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के बेटे के प्लाजा पर हमले हुए थे। शाह को इसी सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। मई के बाद वह बीते पिछले छह महीने से जेल में थे।
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गौरतलब है कि बीते 9 मई को रावलपिंडी में सेना के मुख्यालय और फैसलाबाद शहर में आईएसआई भवन सहित राज्य और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने और आग लगाने के आरोप में देश भर में कम से कम 10,000 पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान की राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की तरफ से दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को भी गिरफ्तार किया गया है।
इमरान की पार्टी की नेता खदीजा शाह को आतंकवाद के सभी चार मामलों में जमानत मिल गई। लाहौर की आतंकवाद विरोधी अदालत ने शुक्रवार को उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया। हालांकि, जैसे ही शुक्रवार को खदीजा जेल से छूटीं, पुलिस की एक भारी टुकड़ी कोट लखपत जेल के बाहर पहुंची और उन्हें सार्वजनिक आदेश अध्यादेश के तहत गिरफ्तार कर लिया।
लाहौर के डिप्टी कमिश्नर ने उनकी हिरासत का आदेश जारी किया। शाह पर नौ मई को पेशावर में हुई हिंसा से जुड़े एक अन्य आतंकवादी मामले में मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले, शाह ने जेल से एक खुला पत्र लिखकर खुद सहित पार्टी की 19 महिला कैदियों के लिए "सहानुभूति और मानवता" की मांग की थी।
शाह ने कहा कि 9 मई के विरोध प्रदर्शन में "शांतिपूर्वक भाग लेने" के लिए उन्हें चार महीने से अधिक समय तक जेल में रखा गया था। उन्होंने कहा, ''लाहौर की कोट लखपत जेल में प्रत्येक पीटीआई महिला कैदी को अकल्पनीय सजा भुगतनी पड़ी है।''
अपने साथ कैद 18 "निर्दोष महिलाओं" की दुर्दशा के बारे में लिखते हुए, शाह ने कहा; "इन महिला कैदियों की दुनिया तक कोई पहुंच नहीं है और वे अपनी दुर्दशा साझा करने में असमर्थ हैं; उनके परिवार उनके बिना जीवन की मांगों को संतुलित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।"
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जनरल आसिफ नवाज जंजुआ की पोती और पेशे से फैशन डिजाइनर खदीजा शाह को सार्वजनिक व्यवस्था रखरखाव (एमपीओ) अध्यादेश के तहत 30 दिनों की अवधि के लिए हिरासत में लिया गया था। पंजाब प्रांत की पुलिस ने कहा, "उनकी रिहाई से प्रांत में कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।" पंजाब प्रांत में लाहौर की कोट लखपत जेल से बाहर आते ही उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।
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बीते नौ मई को हुई हिंसा के दौरान लाहौर कोर कमांडर हाउस और पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के बेटे के प्लाजा पर हमले हुए थे। शाह को इसी सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। मई के बाद वह बीते पिछले छह महीने से जेल में थे।
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गौरतलब है कि बीते 9 मई को रावलपिंडी में सेना के मुख्यालय और फैसलाबाद शहर में आईएसआई भवन सहित राज्य और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने और आग लगाने के आरोप में देश भर में कम से कम 10,000 पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान की राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की तरफ से दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को भी गिरफ्तार किया गया है।
इमरान की पार्टी की नेता खदीजा शाह को आतंकवाद के सभी चार मामलों में जमानत मिल गई। लाहौर की आतंकवाद विरोधी अदालत ने शुक्रवार को उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया। हालांकि, जैसे ही शुक्रवार को खदीजा जेल से छूटीं, पुलिस की एक भारी टुकड़ी कोट लखपत जेल के बाहर पहुंची और उन्हें सार्वजनिक आदेश अध्यादेश के तहत गिरफ्तार कर लिया।
लाहौर के डिप्टी कमिश्नर ने उनकी हिरासत का आदेश जारी किया। शाह पर नौ मई को पेशावर में हुई हिंसा से जुड़े एक अन्य आतंकवादी मामले में मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले, शाह ने जेल से एक खुला पत्र लिखकर खुद सहित पार्टी की 19 महिला कैदियों के लिए "सहानुभूति और मानवता" की मांग की थी।
शाह ने कहा कि 9 मई के विरोध प्रदर्शन में "शांतिपूर्वक भाग लेने" के लिए उन्हें चार महीने से अधिक समय तक जेल में रखा गया था। उन्होंने कहा, ''लाहौर की कोट लखपत जेल में प्रत्येक पीटीआई महिला कैदी को अकल्पनीय सजा भुगतनी पड़ी है।''
अपने साथ कैद 18 "निर्दोष महिलाओं" की दुर्दशा के बारे में लिखते हुए, शाह ने कहा; "इन महिला कैदियों की दुनिया तक कोई पहुंच नहीं है और वे अपनी दुर्दशा साझा करने में असमर्थ हैं; उनके परिवार उनके बिना जीवन की मांगों को संतुलित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।"