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Pakistan: सियासी घमासान के बीच ISI का दावा, कहा- इमरान खान ने सेना प्रमुख बाजवा को दिया गया था 'खास प्रस्ताव’
Thu, 27 Oct 2022 10:54 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 27 Oct 2022 10:54 PM IST
सार
पत्रकार अरशद शरीफ की रविवार रात केन्या में एक पुलिस चौकी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद देश में कोहराम मच गया। इसे लेकर सेना और आईएसआई पर उंगली उठ रही है।
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आईएसआई चीफ नदीम अंजुम
- फोटो : Social Media
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विस्तार
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम ने गुरुवार को एक अहम खुलासा किया। अंजुम ने कहा कि राजनीतिक उथल-पुथल के बीच तत्कालीन सरकार ने सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को मार्च में एक आकर्षक प्रस्ताव दिया था। आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अंजुम ने संवाददाता सम्मेलन में अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान पर परोक्ष रूप से निशाना साधा।
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आईएसआई प्रमुख की पहली बार मीडिया से सीधी बातचीत
पाकिस्तान के इतिहास में किसी भी आईएसआई प्रमुख द्वारा पहली बार मीडिया से बातचीत में लेफ्टिनेंट जनरल अंजुम ने संवाददाताओं से कहा कि मुझे पता है कि आप मेरी मौजूदगी से हैरान हैं। संवाददाता सम्मेलन तब हुआ है जब केन्या में पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या को लेकर देश में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सशस्त्र बलों के खिलाफ भी अप्रत्यक्ष आरोप लगाए जा रहे हैं।
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पत्रकार शरीफ की रविवार रात केन्या में एक पुलिस चौकी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद देश में कोहराम मच गया। केन्याई पुलिस ने बाद में कहा कि ये एक बच्चे के अपहरण के मामले में इसी तरह की कार की तलाशी के दौरान गलत पहचान का मामला था।
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अंजुम ने कहा कि इस एजेंसी (आईएसआई) के प्रमुख के रूप में मैं चुप नहीं रह सकता जब हमें बिना किसी कारण के निशाना बनाया जाता है। अंजुम ने कहा कि जब जरूरत होगी और जब आवश्यक होगा मैं उन तथ्यों को सामने लाऊंगा। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान के लासबेला इलाके में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए क्वेटा कोर कमांडर समेत अधिकारियों का मजाक उड़ाया गया। उन्होंने कहा कि मार्च में काफी दबाव था लेकिन संस्था और सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने सेना को उसकी संवैधानिक भूमिका तक सीमित रखने का फैसला किया।
इमरान खान पर साधा निशाना
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का नाम लिए बगैर आईएसआई प्रमुख ने कहा कि मार्च में जनरल बाजवा को उनके कार्यकाल में अनिश्चितकालीन विस्तार के लिए आकर्षक प्रस्ताव दिया गया था। यह मेरे सामने दिया गया था। उन्होंने (जनरल बाजवा) इसे अस्वीकार कर दिया क्योंकि वह चाहते थे कि सेना एक विवादास्पद भूमिका से संवैधानिक भूमिका की ओर बढ़े। बाजवा को तीन साल का विस्तार मिला था और वह अगले महीने सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
अंजुम ने कहा कि पिछले साल प्रतिष्ठान ने फैसला किया कि वह खुद को अपनी संवैधानिक भूमिका तक सीमित रखेगा। सेना में गहन चर्चा हुई और हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि देश का लाभ हमें अपनी संवैधानिक भूमिका तक सीमित रखने और राजनीति से बाहर रहने में निहित है। आईएसआई प्रमुख ने कहा कि सेना प्रमुख को देशद्रोही कहा गया था और उनके परिवार को भी निशाना बनाया गया था। उन्होंने पूछा कि अगर आप उन्हें देशद्रोही के रूप में देखते हैं, तो आप उनसे पिछले दरवाजे से क्यों मिलते हैं?
दिन के उजाले में सेना प्रमुख को देशद्रोही कहते हैं...
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप रात को उनसे चुपचाप मिलते हैं और अपनी असंवैधानिक इच्छाएं व्यक्त करते हैं लेकिन (सेना प्रमुख) को दिन के उजाले में देशद्रोही कहते हैं। यह आपके शब्दों और आपके कृत्यों के बीच एक बड़ा विरोधाभास है। उन्होंने पुष्टि की कि मारे गए पत्रकार शरीफ देश से बाहर होने पर भी सैन्य प्रतिष्ठान के संपर्क में थे लेकिन पाकिस्तान उनकी हत्या को लेकर बनाई गई कहानी को लेकर आश्वस्त नहीं है। उन्होंने कहा कि शायद हम और सरकार पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। इसलिए सरकार ने एक टीम बनाई है जो केन्या जाएगी।
शरीफ एक पत्रकार और एआरवाई टीवी के एंकर थे और वह पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से नजदीकी के लिए जाने जाते थे। इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा देशद्रोह और देश विरोधी बयान देने के आरोप में मामला दर्ज किए जाने के बाद वह केन्या भाग गए थे। संवाददाता सम्मेलन की शुरुआत में सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने कहा कि मीडिया से बातचीत का उद्देश्य पत्रकार शरीफ की हत्या को लेकर परिस्थितियों पर प्रकाश डालना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को आज के संवाददाता सम्मेलन की संवेदनशीलता से अवगत करा दिया गया है।
तहरीक-ए-इंसाफ ने अंजुम के आरोप खारिज किए
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष इमरान खान के खिलाफ आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने बंद दरवाजे की बातचीत के दौरान कभी भी कोई असंवैधानिक मांग नहीं की। लेफ्टिनेंट जनरल अंजुम ने इससे पहले पाकिस्तान के इतिहास में किसी भी आईएसआई प्रमुख द्वारा पहली बार मीडिया से बातचीत में संवाददाताओं से कहा था कि संस्था ने मार्च में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच तत्कालीन सरकार द्वारा असंवैधानिक और अवैध कृत्य के लिए झुकने से इनकार कर दिया था। हालांकि, उन्होंने अवैध कृत्यों के बारे में खुलकर नहीं बताया था।
शाह महमूद कुरैशी, फवाद चौधरी और शिरीन मजारी के साथ पीटीआई नेता असद उमर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इमरान खान ने सेना प्रमुख के साथ पिछले दरवाजे से बातचीत के दौरान कभी कोई असंवैधानिक मांग नहीं की थी। उमर ने कहा कि बंद दरवाजों के पीछे चर्चा किए गए मामले कोई गुप्त नहीं थे क्योंकि खान ने रैलियों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि मांगें हमेशा से जनता के सामने हैं। उन्होंने कहा कि इमरान खान के पास सेना और देश दोनों हैं। लेकिन क्या इमरान खान सेना के हर फैसले से सहमत होंगे? उन्होंने कहा कि खान को सेना से असहमत होने और यहां तक कि इसकी आलोचना करने का भी अधिकार है।
उमर ने यह भी कहा कि इमरान खान ने कभी ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे सेना कमजोर हो। पूर्व विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा कि आईएसआई प्रमुख की प्रेस कांफ्रेंस में चीजें और उलझ गई हैं। हमें लगता है कि एक नया पेंडोरा बॉक्स खोला गया है। उन्होंने कहा कि सेना के शीर्ष अधिकारियों द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख सूत्र यह था कि संस्थानों ने गैर-राजनीतिक रहने का फैसला किया था।
शाह महमूद कुरैशी, फवाद चौधरी और शिरीन मजारी के साथ पीटीआई नेता असद उमर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इमरान खान ने सेना प्रमुख के साथ पिछले दरवाजे से बातचीत के दौरान कभी कोई असंवैधानिक मांग नहीं की थी। उमर ने कहा कि बंद दरवाजों के पीछे चर्चा किए गए मामले कोई गुप्त नहीं थे क्योंकि खान ने रैलियों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि मांगें हमेशा से जनता के सामने हैं। उन्होंने कहा कि इमरान खान के पास सेना और देश दोनों हैं। लेकिन क्या इमरान खान सेना के हर फैसले से सहमत होंगे? उन्होंने कहा कि खान को सेना से असहमत होने और यहां तक कि इसकी आलोचना करने का भी अधिकार है।
उमर ने यह भी कहा कि इमरान खान ने कभी ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे सेना कमजोर हो। पूर्व विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा कि आईएसआई प्रमुख की प्रेस कांफ्रेंस में चीजें और उलझ गई हैं। हमें लगता है कि एक नया पेंडोरा बॉक्स खोला गया है। उन्होंने कहा कि सेना के शीर्ष अधिकारियों द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख सूत्र यह था कि संस्थानों ने गैर-राजनीतिक रहने का फैसला किया था।