Pakistan: जिन देशों से फायदा, उन्हें खुश रखने की हर जुगत में जुटा हुआ है पाकिस्तान
Pakistan: सऊदी अरब की चिंताओं को दूर करने के लिए पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर सात दिन की यात्रा पर वहां गए हैं। गुरुवार को वहां उन्होंने सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान से मुलाकात की। इसके बाद वे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भी जाएंगे...
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पाकिस्तान में गहराते आर्थिक संकट और सुरक्षा के बिगड़ते हालात के कारण प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को ‘मित्र’ देशों के अंदेशों को दूर करने के लिए खास मेहनत करनी पड़ रही है। पाकिस्तान में बनते हालात से चीन की चिंता बढ़ती जा रही है। हाल में पाकिस्तान में मौजूद चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा और बढ़ गया है। खास कर ग्वादार इलाके में चीनी परियोजनाओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन से यह चिंता गहरा गई है।
इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को चीन के प्रधानमंत्री ली किचियांग को फोन किया। इस दौरान शरीफ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान सरकार चीनी नागरिकों और चीन के परियोजना स्थलों की सुरक्षा का दोषमुक्त इंतजाम करेगी। शरीफ ने कहाः ‘चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) से जुड़ी परियोजनाओं पर काम को तय समय के मुताबिक आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्ध है।’ शरीफ ने कहा- ‘पाकिस्तान सरकार चीनी निवेशकों को पूरी सुरक्षा और कारोबार का अनुकूल माहौल मुहैया कराएगी।’
पाकिस्तान में जारी सरकारी बयान के मुताबिक चीनी प्रधानमंत्री ने शहबाज शरीफ को सहायता और समर्थन जारी रखने का आश्वासन दिया। ली किचियांग ने कहा कि चीन न सिर्फ पाकिस्तान को एक रणनीतिक दोस्त मानता है, बल्कि उसे वह ऐसा देश मानता है, जिसकी स्थिरता और आर्थिक खुशहाली खुद चीन और इस पूरे क्षेत्र के लिए खास महत्त्वपूर्ण है।
इस बीच सऊदी अरब की चिंताओं को दूर करने के लिए पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर सात दिन की यात्रा पर वहां गए हैं। गुरुवार को वहां उन्होंने सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान से मुलाकात की। इसके बाद वे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भी जाएंगे।
पर्यवेक्षकों के मुताबिक मौजूदा संकट के बीच पाकिस्तान सरकार को चीन और सऊदी अरब दोनों से खास मदद की उम्मीद है। इसलिए वह उनकी सारी चिंताओं को दूर करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। पाकिस्तान के लिए सऊदी अरब इस वजह से भी महत्त्वपूर्ण है कि वहां बड़ी संख्या पाकिस्तान नौकरी करते हैं। जिस समय पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार खाली होता जा रहा है, सऊदी अरब से कमा कर भेजी गई रकम पाकिस्तान के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण है।
अखबार द न्यूज में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में वहां रहने वाले पाकिस्तानियों ने 6.67 बिलियन डॉलर वापस भेजे थे। यूएई में रहने वाले पाकिस्तानियों ने 5.10 बिलियन डॉलर वापस भेजे थे। इन दोनों देशों ने पाकिस्तान को खरीदे गए कच्चे तेल का भुगतान देर से करने की सुविधा भी दी है। इसलिए सेनाध्यक्ष जनरल मुनीर की दोनों देशों की यात्रा को अहम माना जा रहा है।
कूटनीति विशेषज्ञों के मुताबिक शहबाज शरीफ सरकार पश्चिमी देशों से संबंध सुधारने और अपने परंपरागत मित्र देशों को खुश रखने की कठिन चुनौती का सामना कर रही है। संकट के इस समय में वह दोनों में से किसी को नाराज करने की स्थिति में नहीं है। लेकिन जिस समय चीन और पश्चिमी देशों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है, दोनों पक्षों को साधना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इसी सिलसिले में इस खबर को अहम माना गया है कि गुरुवार को इस्लामाबाद स्थित ब्रिटिश उच्चायुक्त क्रिश्चियन टर्नर ने प्रधानमंत्री कार्यालय जाकर शहबाज शरीफ से मुलाकात की।