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पाकिस्तान: इमरान की सरकार ने तीन साल में छीनीं 1.5 लाख नौकरियां, सबसे ज्यादा कर्मचारी सिंध से
Wed, 01 Sep 2021 02:28 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, इस्लामाबाद
एजेंसी, इस्लामाबाद
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 01 Sep 2021 02:28 AM IST
सार
- स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इनमें से 80 फीसदी कर्मचारी सिंध प्रांत के रहने वाले हैं
- अधिकतर सिंधी के होने का आंकड़ा पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की मौजूदा सरकार का सिंध विरोधी पूर्वाग्रह दिखाता है
- यह पीटीआई की सिंध व उसके लोगों को आर्थिक कर्मजोर करने की साजिश है
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पाकिस्तान के पीएम इमरान खान
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पाकिस्तान में सिंध प्रांत के साथ भेदभाव के आरोपों ने एक नया मोड़ ले लिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की संघीय सरकार पर तीन साल में करीब 1.5 लाख लोगों को नौकरियों से निकालने का आरोप लगा है। एक स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इनमें से 80 फीसदी कर्मचारी सिंध प्रांत के रहने वाले हैं।
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अवामी आवाज ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में कहा, 1.5 लाख कर्मचारियों में अधिकतर सिंधी के होने का आंकड़ा पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की मौजूदा सरकार का सिंध विरोधी पूर्वाग्रह दिखाता है और यह पीटीआई की सिंध व उसके लोगों को आर्थिक कर्मजोर करने की साजिश है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, इस सप्ताह विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों से 16,000 लोगों को निकाला गया, जिनमें सुई सदर्न गैस के 2,000 सिंधी कर्मचारी भी थे। ये कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें पिछले 11 साल की नौकरी के दौरान लिया वेतन लौटाने का आदेश दिया है।
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रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान के कानून के हिसाब से किसी भी सरकारी कर्मचारी को बर्खास्त करने से पहले तीन महीने का नोटिस देना होता है, लेकिन इतने सारे कर्मचारियों को अचानक उनकी नौकरियों से किसी कानून के तहत हटाया गया है, ये स्पष्ट नहीं है।