PAK-सूडान हथियार डील पर सऊदी का ब्रेक: खटाई में पड़ा 1.5 अरब डॉलर का समझौता? UAE और सऊदी के बीच तनाव का असर!
सऊदी अरब के दबाव में पाकिस्तान ने सूडान को हथियार और लड़ाकू विमान बेचने की 1.5 अरब डॉलर की बड़ी डील रोक दी है। रिपोर्ट में UAE-सऊदी तनाव को इसकी मुख्य वजह बताया गया है।
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दुनिया के मंच पर अक्सर अपनी स्वतंत्र नीति का दावा करने वाला पाकिस्तान एक बार फिर सवालों के घेरे में है। हकीकत यह है कि जब भी बड़े फैसलों की बात आती है, इस्लामाबाद की डोर कहीं न कहीं बाहरी ताकतों के हाथ में नजर आती है। ताजा मामला भी कुछ ऐसा ही है, जहां करीब 1.5 अरब डॉलर की एक बड़ी हथियार डील सऊदी अरब के एक इशारे पर बीच रास्ते में ही रोक दी गई।
सूडान को लड़ाकू विमान और हथियार बेचने की यह योजना अब ठंडे बस्ते में चली गई है, और इसके पीछे जिस तरह की कूटनीतिक दबाव की कहानी सामने आ रही है, उसने पाकिस्तान की विदेश नीति की कमजोरी को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
सऊदी के दबाव में बदला फैसला
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने पाकिस्तान पर स्पष्ट दबाव बनाया कि वह इस डील को आगे न बढ़ाए। इतना ही नहीं, सऊदी ने सूडान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता से भी किनारा कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के कुछ सुरक्षा और कूटनीतिक अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि रियाद के रुख के बाद इस डील को रोकने का निर्णय लिया गया।
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जानकारी के अनुसार यह हथियार समझौता लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका था और इसकी रूपरेखा भी तैयार हो चुकी थी। दिलचस्प बात यह है कि इस डील को तैयार करने में सऊदी अरब की मध्यस्थता की भूमिका भी बताई जा रही है। हालांकि शुरुआती चरण में इस समझौते की फंडिंग को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।
सूडान में जारी है संघर्ष
इस पूरे घटनाक्रम को खाड़ी देशों के बदलते समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब के बीच बढ़ती खींचतान का असर इस डील पर भी पड़ा है। सूडान में सेना और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच पिछले लगभग तीन वर्षों से चल रहा संघर्ष दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक बन गया है। यह संघर्ष लाल सागर देश, जो सोने का एक प्रमुख उत्पादक है, को विदेशी हितों के लिए एक फ्लैशपॉइंट (तनाव का केंद्र) बना रहा है और देश के टूटने का खतरा पैदा कर रहा है।
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