फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan government midnight crackdown ends protest by Imran Khan's party in Islamabad

Pakistan: देखते ही गोली मारने के आदेश के बाद डरे इमरान समर्थक; इस्लामाबाद में किया प्रदर्शन खत्म करने का एलान

Wed, 27 Nov 2024 10:23 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 27 Nov 2024 10:23 AM IST
सार

पीटीआई समर्थक इस्लामाबाद में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने बैरिकेड तोड़े फिर उच्च सुरक्षा वाले रेड जोन में प्रवेश किया, जिससे आंसू गैस, गोलियों और सामूहिक गिरफ्तारियों से जुड़े अधिकारियों के साथ झड़पें हुईं। 

विज्ञापन
Pakistan government midnight crackdown ends protest by Imran Khan's party in Islamabad
पीटीआई समर्थक विरोध करते। - फोटो : एक्स/पीटीआई

विस्तार

पाकिस्तान में चल रहे मौत और हिंसा के खेल पर अब विराम लग जाएगा। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने विरोध-प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। दरअसल, जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों का हौसला उस समय चकनाचूर हो गया, जब सुरक्षा बलों ने आधी रात को बड़ी कार्रवाई की। जवानों ने इस्लामाबाद में एकत्र हुए उनके हजारों पीटीआई समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए अभियान शुरू किया। कार्रवाई के चलते समर्थकों को डी-चौक और राजधानी के आसपास के जिले को खाली करने पर मजबूर होना पड़ा। साथ ही बताया जा रहा कि आधी रात को हुई कार्रवाई में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हुए हैं। 

विज्ञापन

 
24 नवंबर से चल रहा था प्रदर्शन
पीटीआई समर्थक इस्लामाबाद में सड़कों पर उतरे थे और डी-चौक तक मार्च करना चाहते थे। यह विरोध-प्रदर्शन 24 नवंबर से चल रहा था। प्रदर्शनकारियों ने पहले बैरिकेड तोड़ दिए थे और उच्च सुरक्षा वाले रेड जोन में प्रवेश किया था, जिससे आंसू गैस, गोलियों और सामूहिक गिरफ्तारियों से जुड़े अधिकारियों के साथ झड़पें हुईं। मंगलवार रात की गई कार्रवाई को पार्टी ने 'फासीवादी सैन्य शासन' के तहत नरसंहार बताया। प्रदर्शन समाप्त करने के बाद पार्टी की तरफ से कहा गया कि आगे की कार्रवाई का एलान इमरान के मार्गदर्शन पर किया जाएगा।
विज्ञापन




सैकड़ों गिरफ्तारी हुईं
पुलिस सूत्रों ने कहा कि लगभग 450 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया था। अभी और गिरफ्तारियों की उम्मीद है। जबकि खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने कहा कि यह सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर हिंसक हमला था, जिसमें उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को मारने के इरादे से गोलियां चलाईं।
विज्ञापन
विज्ञापन


छह पुलिसकर्मी भी मारे गए
इससे पहले मंगलवार शाम को पीटीआई समर्थक कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ भिड़ गए और डी-चौक पर धरने पर बैठने में सफल रहे। पुलिस के साथ समर्थकों की झड़प में छह सुरक्षाकर्मी मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। इस दौरान खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर के साथ पेशावर से इस्लामाबाद तक निकाले गए मार्च का नेतृत्व कर रहीं खान की पत्नी बुशरा बीबी ने घोषणा की कि जब तक इमरान खान को जेल से रिहा नहीं किया जाता, तब तक प्रदर्शनकारी वहां से नहीं हटेंगे। 



क्या बीबी और गंडापुर भाग गए?
वीडियो फुटेज में खान के समर्थकों को आंसू गैस का सामना करते हुए और डी-चौक की ओर जाने वाली सड़कों पर रखे कंटेनरों पर चढ़ते हुए दिखाया गया है। आधी रात के करीब पुलिस और रेंजर्स ने ब्लू एरिया कारोबारी इलाके को खाली कराने के लिए अभियान शुरू किया जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को बीबी और गंडापुर के साथ वहां से जाने को मजबूर होना पड़ा। पुलिस सूत्रों ने कहा कि कार्रवाई में लगभग 450 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया था और विरोध के समाप्त होने के बाद और अधिक गिरफ्तारियों की उम्मीद है। साथ ही पीटीआई नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।



हालांकि, गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि गंडापुर और बुशरा बीबी भाग गए हैं। उन्होंने कहा, 'वे आपके सामने भाग गए, एक या दो या तीन नहीं बल्कि हजारों लोग भाग गए। राजधानी में यातायात के लिए बंद सड़कों को बहाल करना प्राथमिकता थी।' उन्होंने यह भी घोषणा की कि स्कूल गुरुवार को फिर से खुलेंगे।

मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं आज होंगी बहाल
अधिकारी ने कहा, 'मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं सुबह तक बहाल कर दी जाएंगी। आप सुबह तक सभी सड़कों को चालू हालत में पाएंगे। शासन सुबह तक सभी कंटेनरों को हटाने की कोशिश करेगा।' वहीं, सूचना मंत्री अट्टा तरार ने भी दावा किया कि गंडापुर और बीबी भाग गए। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद और सरकारी संपत्ति पर हमला करने और राज्य के अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए रेड जोन में प्रवेश करने की योजना का विवरण देने वाले दस्तावेज भी पाए गए।



तरार ने बताया कि डी-चौक पर पूरा मार्ग साफ है और सड़कें भी खुल रही हैं। कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पीटीआई ने सरकार पर हिंसा का इस्तेमाल करने और उसके सैकड़ों कार्यकर्ताओं की हत्या करने का आरोप लगाया। उसने कहा, 'शहबाज-जरदारी-असीम गठबंधन के नेतृत्व वाले क्रूर, फासीवादी सैन्य शासन के तहत सुरक्षा बलों के हाथों पाकिस्तान में नरसंहार हुआ है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और जनरल असीम मुनीर के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन का जिक्र करते हुए 'देश खून में डूब रहा है।'


यह है मामला
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सरकार पर चुराए गए जनादेश, लोगों की अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी और 26वें संशोधन के पारित होने की निंदा करते हुए 24 नवंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। मंगलवार को इस्लामाबाद के लिए जा रही रैली को रोकने के दौरान शुरू हुई झड़पों में अब तक सुरक्षाबलों के छह जवानों की मौत हो चुकी है। बताया गया है कि इस हिंसा में 100 से ज्यादा जवान घायल भी हुए हैं। इन हालात के बीच पाकिस्तान सरकार ने अब इस्लामाबाद में सेना को तैनात कर दिया है और उसे उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश भी दे दिए हैं।

इमरान खान पर कितने केस दर्ज?
इमरान खान पर 100 से ज्यादा केस हैं। इस्लामाबाद के लोकल कोर्ट ने उन्हें पांच अगस्त 2023 को तोशाखाना केस में दोषी करार दिया था। इसके बाद उन्हें इस्लामाबाद के जमान पार्क स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। फिर उन्हें दो और मामलों में दोषी करार दिया गया।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed