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Pakistan: पीटीआई नेता को जेल में यातना देने के मामले में घिरती जा रही है पाकिस्तान सरकार, जानें पूरा मामला

Sun, 21 Aug 2022 04:45 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 21 Aug 2022 04:45 PM IST
सार

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने गिल के मामले में गुरुवार को दखल दिया था। उसने इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक को यातना संबंधी आरोपों की जांच करने का आदेश दिया। कोर्ट ने आदियाला जेल के अतिरिक्त अधीक्षक और मेडिकल ऑफिसर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया।

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Pakistan government is getting involved in torture of PTI leader in jail know the whole matter
Imran Khan, Shahbaz sharif - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

पाकिस्तान में विपक्ष के दमन का मुद्दा अब अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता शहबाज गिल के उत्पीड़न की निंदा अब प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी की है। इसके पहले इस्लामाबाद हाई कोर्ट इस मामले की पूरी जांच का आदेश दे चुका है।

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इस बीच इमरान खान ने बताया है कि गिरफ्तारी के बाद शहबाज गिल का शारीरिक, मानसिक और यौन उत्पीड़न किया गया है। इमरान खान ने एक ट्विट में कहा कि सभी तस्वीरों और वीडियो में यह साफ दिखता है कि गिल को मानसिक और शारीरिक यातना दी गई। साथ ही उनके साथ यौन दुर्व्यवहार भी किया गया। उऩका हौसला तोड़ने के लिए उन्हें अपमानित किया गया। इमरान खान ने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें गिल ऑक्सीजन मास्क के लिए गुहार लगाते देखे और सुने गए।
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इमरान खान ने जिक्र कहा कि इस्लामाबाद कैपिटल पुलिस (आईसीटी) ने कहा है कि उसने गिल को कोई यातना नहीं पहुंचाई, तो सवाल है कि फिर किसने गिल का उत्पीड़न किया? उधर एमनेस्टी इंटरनेशन ने एक बयान पीटीआई नेता को यातना दिए जाने की खबरों पर चिंता जताई है। उसने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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गिल को पिछले हफ्ते इस्लामाबाद के बानी गाला चौक से गिरफ्तार किया गया था। उन पर देश द्रोह और सेना के खिलाफ बगावत फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। ये मुकदमा एक वीडियो के आधार पर दर्ज किया गया, जिसमें उन्हें सेना के खिलाफ बोलते बताया गया है। गिल की गिरफ्तारी और हिरासत में उन्हें यातना देने का मामला अब पाकिस्तान में एक बड़ा मसला बन गया है। हाल में पत्रकारों और सरकार विरोधी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के कई मामले सामने आए हैं। गिल के साथ हुए व्यवहार को उसी सिलसिले में देखा जा रहा है, हालांकि शारीरिक यातना के आरोप के कारण ये मामला अधिक गंभीर हो गया है।

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने गिल के मामले में गुरुवार को दखल दिया था। उसने इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक को यातना संबंधी आरोपों की जांच करने का आदेश दिया। कोर्ट ने आदियाला जेल के अतिरिक्त अधीक्षक और मेडिकल ऑफिसर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। उन दोनों अफसरों पर कोर्ट की हुक्म उदूली का इल्जाम है। हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि गिल के वकीलों को तुरंत उनसे मिलने दिया जाए।

कोर्ट में पुलिस टीम की तरफ से गिल की मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई है। इसमें दावा किया गया है कि गिल को बचपन से सांस की समस्या है। इसलिए उन्हें ब्रॉनकोडिलेटर की जरूरत पड़ती है। मेडिकल जांच के दौरान पाया गया कि गिल के शरीर में- खास कर कंधे, गले और छाती में दर्द था।


विश्लेषकों के मुताबिक गिल के मुद्दे से शहबाज शरीफ सरकार के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं। यातना की खबरें चर्चित होने के बाद उसे समाज के उन तबकों की भी आलोचना झेलनी पड़ रही है, तो आम तौर पर इमरान खान की राजनीति को पसंद नहीं करते। आरोप लगा है कि गिल को यातना देकर सरकार ने पाकिस्तानी राजनीति को आपराधिक रूप दे दिया है। 

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