पाकिस्तान: मामूली आंंधी में गिर गए करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के गुंबद, सिख नाराज
This is how #KartarpurSahib looks like months after its inauguration...
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Few domes of #Kartarpur Sahib Gurudwara in #Pakistan fell after a dust storm hit the area.विज्ञापन विज्ञापन
Poor quality of construction; poor maintenance and upkeep by Pakistan. pic.twitter.com/Yfsv3koUQj — Geeta Mohan گیتا موہن गीता मोहन (@Geeta_Mohan) April 18, 2020
इस घटना के बाद अब इसकी निर्माण की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग रहे हैं। पाकिस्तान में सिख समुदाय भी इससे काफी नाराज है। इनका कहना है कि इमरान खान सरकार में किसी अन्य मजहब को सम्मान नहीं मिलता। लोगों का आरोप है कि इमरान खान के लिए करतारपुर सिर्फ एक सियासी स्टंट था।
इस गुरुद्वारे का पुनरुद्धार दो साल पहले ही 2018 में हुआ था। इमरान सरकार ने यहां जोर-शोर से कार्यक्रम भी आयोजित करवाया था, लेकिन अब पता चला है कि निर्माण की गुणवत्ता कितनी खराब थी कि ये हल्के आंधी-तूफान को ही नहीं झेल सके। बताया जा रहा है कि ये कमजोर फाइबर के बने थे।
बता दें कि पाकिस्तान में सिखों के दो पवित्र तीर्थ स्थल हैं। पहला ननकाना साहिब जो लाहौर से लगभग 75 किलोमीटर दूर है। ये गुरु नानक देव जी का जन्मस्थल है। दूसरा है करतारपुर जहां गुरु नानकदेव अंतरध्यान हुए थे। यह स्थान लाहौर से लगभग 117 किलोमीटर दूर है। करतारपुर साहिब गुरुद्वारे में भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर कॉरीडोर बनाया गया था।
भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से करतारपुर 3.80 किलोमीटर दूर है। पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों ने अपने-अपने देशों में इसका उद्घाटन किया था। गुरु नानक देव जी अपनी चार प्रसिद्ध यात्राओं को पूरा करने के बाद 1522 में परिवार के साथ यहां रहने लगे थे।