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संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को लगाई लताड़
Fri, 11 Sep 2020 05:09 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 11 Sep 2020 05:09 AM IST
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संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को लताड़ लगाई है। संयुक्त राष्ट्र के 'शांति की संस्कृति' फोरम में चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान को अल्पसंख्यकों व महिलाओं से बर्ताव को लेकर खरी-खरी सुनाई।
इस मंच पर भारत ने कहा, हमने एक बार फिर यूएन के मंच पर भारत के खिलाफ पाकिस्तान की हेट स्पीच को सुना। ये ऐसे वक्त पर हुआ है जब पाकिस्तान अपने देश में व अपनी सीमाओं पर लगातार हिंसा की संस्कृति अपनाए हुए है।
मानवाधिकार को लेकर पाकिस्तान का दयनीय रिकॉर्ड और धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए उसका बर्ताव अंतर्राष्ट्रीय जगत के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। ईशनिंदा कानून का इस्तेमाल यहां धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ होता है।
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पाकिस्तान में महिलाओं व लड़कियों की स्थिति दयनीय है क्योंकि उनका अपहरण व दुष्कर्म किया जाता है। उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराकर शादी कराई जाती है। महामारी ने इसमें और इजाफा किया है।
भारत के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने से पहले, जहां सभी धर्मों को संविधान के अनुसार समान अधिकार दिए गए हैं। पाक प्रतिनिधियों को धार्मिक अल्पसंख्यों को लेकर अपने सिस्टम और रिकॉर्ड की तरफ जरूर देखना चाहिए।
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इस मंच पर भारत ने कहा, हमने एक बार फिर यूएन के मंच पर भारत के खिलाफ पाकिस्तान की हेट स्पीच को सुना। ये ऐसे वक्त पर हुआ है जब पाकिस्तान अपने देश में व अपनी सीमाओं पर लगातार हिंसा की संस्कृति अपनाए हुए है।
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मानवाधिकार को लेकर पाकिस्तान का दयनीय रिकॉर्ड और धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए उसका बर्ताव अंतर्राष्ट्रीय जगत के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। ईशनिंदा कानून का इस्तेमाल यहां धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ होता है।
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पाकिस्तान में महिलाओं व लड़कियों की स्थिति दयनीय है क्योंकि उनका अपहरण व दुष्कर्म किया जाता है। उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराकर शादी कराई जाती है। महामारी ने इसमें और इजाफा किया है।
भारत के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने से पहले, जहां सभी धर्मों को संविधान के अनुसार समान अधिकार दिए गए हैं। पाक प्रतिनिधियों को धार्मिक अल्पसंख्यों को लेकर अपने सिस्टम और रिकॉर्ड की तरफ जरूर देखना चाहिए।