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Pakistan: आवंटित चुनाव चिह्नों को बदलवाने की प्रक्रिया नहीं रुकी तो मतदान में हो सकती है देरी; ECP की चेतावनी
Wed, 17 Jan 2024 06:58 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 17 Jan 2024 06:58 PM IST
सार
पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि चुनाव चिन्हों के आवंटन के बाद राजनेता विभिन्न मंचों के माध्यम से उन्हें बदलवा रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो हमें मतपत्रों को दोबारा छापना होगा। इसके लिए हमारे पास समय नहीं है।
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पाकिस्तान के आम चुनाव के लिए प्रक्रिया शुरू।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
पाकिस्तान में अगले महीने की आठ तारीख को चुनाव होने हैं, लेकिन उससे पहले चुनाव आयोग ने विभिन्न राजनैतिक दलों को चुनाव चिह्नों को न बदलने की चेतावनी दी है। ईसीपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चुनाव चिह्नों को बदलवाने की प्रक्रिया नहीं रुकी तो आम चुनाव में देरी हो सकती है। आयोग ने यह भी कहा कि चूंकि अब मतदान की तारीख नजदीक है ऐसे में पहले से आवंटित किए जा चुके प्रतीकों में वह बदलाव नहीं कर सकता।
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ईसीपी ने जारी किया बयान
पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि चुनाव चिन्हों के आवंटन के बाद राजनेता विभिन्न मंचों के माध्यम से उन्हें बदलवा रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो हमें मतपत्रों को दोबारा छापना होगा। इसके लिए हमारे पास समय नहीं है। साथ ही इसके लिए विशेष पेपर भी सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं। ईसीपी ने कहा कि चुनाव चिन्हों के आवंटन के बाद उसने पहले ही तीन मुद्रण संस्थानो को मतपत्रों की छपाई का आदेश दे दिया था अगर चुनाव चिह्न बदलवाने का क्रम ऐसे ही जारी रहा तो मतदान कराने में देरी हो सकती है।
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हमारे द्वारा लगातार इस बारे में बताया गया है कि मतपत्रों का मुद्रण शुरू होने के बाद चुनाव चिह्न अपरिवर्तित रहना चाहिए। लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है। आयोग ने बयान में आगे कहा कि अगर यह प्रवृत्ति नहीं रुकी तो उनके सामने संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव स्थगित करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचेगा।
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बता दें कि पाकिस्तान चुनाव आयोग का यह बयान तब आया है जब हाल के दिनों में कई राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों ने अपने चुनाव चिन्ह बदलने का अनुरोध किया है। साथ ही हाई कोर्ट में आवेदन दाखिल किया है।
पीपीपी ने चुनाव आयोग से किया था आग्रह
हाल ही में, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के केंद्रीय चुनाव प्रभारी सीनेटर ताज हैदर ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को पत्र लिखकर अपने सात उम्मीदवारों के चुनाव चिन्ह बदलने का आग्रह किया था। क्योंकि उन्हें पार्टी का चुनाव चिह्न 'तीर' आवंटित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि रिटर्निंग अधिकारियों ने पार्टी के उम्मीदवारों को स्वतंत्र घोषित कर दिया है।
बाद में पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी और महासचिव नैय्यर हुसैन बुखारी ने भी यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने मामले को अदालत में ले जाने की बात कही थी।
इमरान खान का मामला भी लंबित
इसके साथ ही जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष इमरान खान की भी ऐसी ही दो याचिकाएं लाहौर हाई कोर्ट में लंबित है। उन्होंने अपने नामांकन को खारिज किए जाने को लाहौर हाई कोर्ट में चुनौती दी है। साथ ही इस बार इमरान खान की पीटीआई पार्टी को क्रिकेट का बल्ला चुनाव चिह्न नहीं दिया गया है।