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Pakistan: चुनाव आयोग का फैसला, आरक्षित सीटों के आवंटन पर इमरान समर्थित SIC की याचिका पर आज होगी खुली सुनवाई
Tue, 27 Feb 2024 11:12 AM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Tue, 27 Feb 2024 11:12 AM IST
सार
पाकिस्तान चुनाव आयोग ने सोमवार को फैसला किया कि आरक्षित सीटों के आवंटन की मांग करने वाली एसआईसी की याचिका पर मंगलवार को खुली सुनवाई होगी।
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पाकिस्तान चुनाव आयोग।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पाकिस्तान चुनाव आयोग आज सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी) की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उसने आरक्षित सीटों के अपने हिस्से के आवंटन की मांग की है।
पीटीआई समर्थित है एसआईसी
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी चुनाव चिह्न क्रिकेट बैट का आवंटन नहीं होने के कारण चुनाव में सीधे तौर पर भाग नहीं ले सकी थी। इसकी वजह से उसने निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ा था। जीत हासिल करने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल में शामिल हो गए। बता दें, सुन्नी इत्तेहाद परिषद मुस्लिम बहुल देश में इस्लामी राजनीतिक और धार्मिक दलों का गठबंधन है, जो सुन्नी अनुयायियों का प्रतिनिधित्व करता है।
शीर्ष निर्वाचन आयोग की बैठक में फैसला
जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान चुनाव आयोग ने सोमवार को फैसला किया कि आरक्षित सीटों के आवंटन की मांग करने वाली एसआईसी की याचिका पर मंगलवार को खुली सुनवाई होगी। यह फैसला मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान रजा की अध्यक्षता में शीर्ष निर्वाचन आयोग की बैठक में किया गया।
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अल्वी ने सत्र बुलाने के प्रस्ताव को किया था खारिज
बता दें, यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब हाल ही में राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने 29 फरवरी को नवनिर्वाचित नेशनल असेंबली का पहला सत्र बुलाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। साथ ही कहा था कि सत्र शुरू होने से पहले सभी आरक्षित सीटों को आवंटित किया जाना चाहिए, जिसमें नेशनल असेंबली के नवनिर्वाचित सदस्य शपथ लेंगे। पीटीआई के संस्थापक खान के करीबी सहयोगी और उनकी पार्टी के पूर्व वरिष्ठ सदस्य अल्वी के इनकार के बाद नेशनल असेंबली के निवर्तमान अध्यक्ष राजा परवेज अशरफ ने 29 फरवरी को संसद का सत्र बुलाने का फैसला किया था।
चुनाव आयोग एसआईसी को सीटों के प्रस्तावित आवंटन के खिलाफ संयोजक एमक्यूएम-पी (मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान) द्वारा दायर याचिका पर भी सुनवाई करेगा।
दरअसल, पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें अपने नाम की थीं, लेकिन वे बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाए थे। इस वजह से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएलएन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने घोषणा कर दी थी कि वे गठबंधन सरकार बनाएंगे। हालांकि, पीटीआई ने पीएमएलएन और पीपीपी द्वारा गठबंधन सरकार बनाने के प्रयासों को खारिज कर दिया था।
कैसे रहे चुनाव परिणाम
चुनावों में जेल में बंद इमरान खान की पीटीआई पार्टी की ओर से समर्थित उम्मीदवारों समेत कुल 93 निर्दलीय प्रत्याशियों ने नेशनल असेंबली की सीटें जीतीं। पीएमएल-एन ने 75 सीटें जीतीं, जबकि पीपीपी 54 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही। मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) ने भी 17 सीटों पर जीत दर्ज की। यहां सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी को 266 सदस्यीय नेशनल असेंबली में लड़ी गई 265 सीटों में से 133 सीटें चाहिए होंगी।
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पीटीआई समर्थित है एसआईसी
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी चुनाव चिह्न क्रिकेट बैट का आवंटन नहीं होने के कारण चुनाव में सीधे तौर पर भाग नहीं ले सकी थी। इसकी वजह से उसने निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ा था। जीत हासिल करने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल में शामिल हो गए। बता दें, सुन्नी इत्तेहाद परिषद मुस्लिम बहुल देश में इस्लामी राजनीतिक और धार्मिक दलों का गठबंधन है, जो सुन्नी अनुयायियों का प्रतिनिधित्व करता है।
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शीर्ष निर्वाचन आयोग की बैठक में फैसला
जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान चुनाव आयोग ने सोमवार को फैसला किया कि आरक्षित सीटों के आवंटन की मांग करने वाली एसआईसी की याचिका पर मंगलवार को खुली सुनवाई होगी। यह फैसला मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान रजा की अध्यक्षता में शीर्ष निर्वाचन आयोग की बैठक में किया गया।
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अल्वी ने सत्र बुलाने के प्रस्ताव को किया था खारिज
बता दें, यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब हाल ही में राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने 29 फरवरी को नवनिर्वाचित नेशनल असेंबली का पहला सत्र बुलाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। साथ ही कहा था कि सत्र शुरू होने से पहले सभी आरक्षित सीटों को आवंटित किया जाना चाहिए, जिसमें नेशनल असेंबली के नवनिर्वाचित सदस्य शपथ लेंगे। पीटीआई के संस्थापक खान के करीबी सहयोगी और उनकी पार्टी के पूर्व वरिष्ठ सदस्य अल्वी के इनकार के बाद नेशनल असेंबली के निवर्तमान अध्यक्ष राजा परवेज अशरफ ने 29 फरवरी को संसद का सत्र बुलाने का फैसला किया था।
चुनाव आयोग एसआईसी को सीटों के प्रस्तावित आवंटन के खिलाफ संयोजक एमक्यूएम-पी (मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान) द्वारा दायर याचिका पर भी सुनवाई करेगा।
दरअसल, पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें अपने नाम की थीं, लेकिन वे बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाए थे। इस वजह से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएलएन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने घोषणा कर दी थी कि वे गठबंधन सरकार बनाएंगे। हालांकि, पीटीआई ने पीएमएलएन और पीपीपी द्वारा गठबंधन सरकार बनाने के प्रयासों को खारिज कर दिया था।
कैसे रहे चुनाव परिणाम
चुनावों में जेल में बंद इमरान खान की पीटीआई पार्टी की ओर से समर्थित उम्मीदवारों समेत कुल 93 निर्दलीय प्रत्याशियों ने नेशनल असेंबली की सीटें जीतीं। पीएमएल-एन ने 75 सीटें जीतीं, जबकि पीपीपी 54 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही। मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) ने भी 17 सीटों पर जीत दर्ज की। यहां सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी को 266 सदस्यीय नेशनल असेंबली में लड़ी गई 265 सीटों में से 133 सीटें चाहिए होंगी।