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पाकिस्तान: तीखा हुआ सियासी टकराव, विपक्ष अब आर-पार की लड़ाई के मूड में

Sat, 12 Feb 2022 03:45 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 12 Feb 2022 03:45 PM IST
सार

प्रधानमंत्री इमरान खान किसी भी कीमत पर शरीफ को जेल भेजने पर अड़े हुए हैं। उनकी पार्टी का आकलन है कि अगर शरीफ को जेल भेजा गया, तो उससे इमरान खान के कथित भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की साख कायम होगी और इसका लाभ पीटीआई को अगले साल होने वाले आम चुनाव में मिलेगा...

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Pakistan Democratic Alliance, a coalition of opposition parties in Pakistan, has brought a no-confidence motion against Imran Khan
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

पाकिस्तान में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की तरफ से विपक्षी नेताओं के प्रति लगातार जारी अपमानजनक व्यवहार के कारण विपक्षी दल अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। उन्होंने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा की है। साथ ही सरकार के खिलाफ 23 मार्च को प्रस्तावित ‘लॉन्ग मार्च’ के कार्यक्रम पर अडिग रहने का एलान भी किया है।

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शरीफ की मेडिकल रिपोर्ट ठुकराई

इस बीच सरकार की तरफ से पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर दबाव बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। इस सिलसिले में ताजा घटना शुक्रवार को हुई, जब पंजाब प्रांत की सरकार ने नवाज शरीफ की मेडिकल रिपोर्ट को ठुकरा दिया। ये रिपोर्ट इस महीने के आरंभ में लाहौर हाई कोर्ट में पेश की गई थी। इसके मुताबिक डॉक्टरों ने शरीफ को यात्रा करने से मना किया है। लेकिन प्रांतीय सरकार की तरफ से बनाए गए नौ सदस्यों के मेडिकल बोर्ड ने कहा है कि हाई कोर्ट में पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट ‘अपूर्ण’ है। बोर्ड ने कहा कि इस रिपोर्ट के साथ स्वास्थ्य संबंधी किसी जांच की कॉपी पेश नहीं की गई। इसलिए इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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पर्यवेक्षकों का कहना है कि नवाज शरीफ की सेहत अब पाकिस्तान में सियासी मुद्दा बन गई है। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री इमरान खान किसी भी कीमत पर शरीफ को जेल भेजने पर अड़े हुए हैं। उनकी पार्टी का आकलन है कि अगर शरीफ को जेल भेजा गया, तो उससे इमरान खान के कथित भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की साख कायम होगी और इसका लाभ पीटीआई को अगले साल होने वाले आम चुनाव में मिलेगा।

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इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

इस बीच विपक्षी दलों के गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीएम) ने अपनी एक बैठक के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाने का लाने किया। पीडीएम में शामिल जमात-ए-उलेमा (एफ) के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान ने कहा कि इस सवाल पर पीडीएम में शामिल दलों में आम राय है कि इमरान खान खान सरकार एक अकुशल सरकार है, जिसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। फजलुर रहमान पीडीएम के भी अध्यक्ष हैं।


पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी पीडीएम में शामिल नहीं है। गठबंधन की शुक्रवार को हुई बैठक में उसे साथ लेने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इस बारे में पूछे गए सवाल पर फजलुर रहमान ने कहा- ‘हर किसी को देश के हित में कुर्बानी देनी होगी।’ उन्होंने दावा किया कि देश में सियासी माहौल अब बदल चुका है।


विश्लेषकों के मुताबिक इमरान खान ने हाल में विपक्षी नेताओं को भ्रष्ट बताने की मुहिम तेज कर दी है। इससे विपक्षी नेताओं का गुस्सा और भड़का है। इस बीच नवाज शरीफ की मेडिकल रिपोर्ट का पहले जिस तरह मजाक उड़ाया गया और अब उसे खारिज कर दिया गया है, उससे भी विपक्षी दलों में इमरान खान सरकार के प्रति रुख सख्त हुआ है। नवाज शरीफ को नवंबर 2019 में भ्रष्टाचार के एक मामले में सजा सुनाई गई थी। लेकिन वे कोर्ट की इजाजत लेकर इलाज कराने के लिए विदेश चले गए। तब उन्होंने कोर्ट में शपथपत्र दाखिल किया था कि वे देश लौट आएंगे। पीटीआई का आरोप है कि उन्होंने कोर्ट से वादाखिलाफी की है। तब से शरीफ लंदन में रह रहे हैं।

 

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