{"_id":"695f956d04136220010508ff","slug":"pakistan-defence-minister-khawaja-asif-claims-country-may-no-longer-need-imf-loans-within-6-months-know-truth-2026-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत से पिटकर भी नहीं सुधरा PAK: अब फाइटर जेट्स को लेकर किया बड़ा दावा, बोला- नहीं पड़ेगी IMF कर्ज की जरूरत","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
भारत से पिटकर भी नहीं सुधरा PAK: अब फाइटर जेट्स को लेकर किया बड़ा दावा, बोला- नहीं पड़ेगी IMF कर्ज की जरूरत
Thu, 08 Jan 2026 05:23 PM IST
लव गौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: लव गौर
Updated Thu, 08 Jan 2026 05:23 PM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शर्त के चलते पाकिस्तान को अपनी राष्ट्रीय एयरलाइन पीआईए बेचनी पड़ी। पाकिस्तान भयंकर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इस बीच रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का दावा है कि छह महीने बाद पाकिस्तान को आईएमएफ से कर्ज की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया है कि वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों की मांग बढ़ी है। ऐसे में क्या है इस दावे की सच्चाई, जानिए...
विज्ञापन
पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और लड़ाकू विमान JF-15
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से ना देश संभल रहा और ना देश की जनता का भरोसा। आतंकवाद, भुखमरी और महंगाई से जूझ रहा पाकिस्तान हर दिन दर्द से कराह रहा है। मई, 2025 में ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को हार झेलनी पड़ी, हालांकि हारकर भी पाकिस्तान खुद को बेशर्मी से विजेता पेश करता रहा। लेकिन फिर भी पाकिस्तानी नेताओं का 'हसीन' सपना देखना बंद नहीं हो रहा है। अब पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को ही देख लो, उनका दावा है कि देश को छह महीने के अंदर इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के लोन की जरूरत नहीं पड़ेगी। और इसके पीछे उन्होंने जो तर्क दिया है, उसकी असलियत क्या है आइए आपको बताते हैं?
JF-17 जैसे फाइटर जेट्स की वैश्विक मांग बढ़ी, आसिफ का दावा
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया है कि मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए टकराव के बाद रक्षा ऑर्डरों में बढ़ोतरी के कारण देश को छह महीने के अंदर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) लोन की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि JF-17 जैसे फाइटर जेट्स की वैश्विक मांग बढ़ी है, जिससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है।
दरअसल, कराची स्थित जियो टीवी से बात करते हुए ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत के साथ मई 2025 में हुए टकराव के बाद पाकिस्तान के साथ रक्षा ऑर्डर इस हद तक बढ़ गए हैं कि पाकिस्तान जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से कर्ज लेने की जरूरत नहीं होगा। आसिफ ने कहा, 'हमारे विमानों का परीक्षण हो चुका है, और हमें इतने ऑर्डर मिल रहे हैं कि छह महीने में पाकिस्तान को आईएमएफ की जरूरत नहीं पड़ेगी।', उन्होंने तर्क दिया कि दुनिया ने पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं पर ध्यान दिया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Pakistan: ऑपरेशन सिंदूर के बाद से खौफ में पाकिस्तान, US को पाले में लाने के लिए हर महीने लुटा रहा 50 हजार डॉलर
जानिए आखिर क्या है सच्चाई?
हालांकि, अर्थशास्त्रियों और रक्षा विश्लेषकों ने इस दावे को अवास्तविक बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान फाइटर जेट JF-17 का सिर्फ एक सीमित हिस्सा ही असेंबल करता है, जबकि मुख्य कंपोनेंट और रेवेन्यू चीन के साथ साझा किए जाते हैं। इतना ही नहीं एक सच्चाई यह भी है कि लड़ाकू विमान की बिक्री से होने वाली कमाई भी पाकिस्तान के लगभग $300 बिलियन के भारी कर्ज की भरपाई नहीं कर सकती।
ये भी पढ़ें: PAK के कबाड़ हथियार के भरोसे बांग्लादेश: खरीदेगी जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट, ऑपरेशन सिंदूर में हुआ था फुस्स
ऑपरेशन सिंदूर में फुस्स साबित हुआ JF-17
JF-17 चौथी पीढ़ी का एक हल्का, सिंगल-इंजन वाला मल्टीरोल लड़ाकू विमान है, जिसे इसे चीन के साथ पाकिस्तान ने तैयार किया है। हाल ही में जेएफ-17 ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चर्चाओं में आया था। पाकिस्तान ने दावा किया था कि पिछले साल मई 2025 में भारत-पाक संघर्ष के दौरान उसने इसी फाइटर जेट से भारत के 6 लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। हालांकि भारत ने पाकिस्तान के इस दुष्प्रचार की पोल खोल दी थी, लेकिन पाकिस्तान की आदत से पूरी दुनिया वाकिफ है।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
JF-17 जैसे फाइटर जेट्स की वैश्विक मांग बढ़ी, आसिफ का दावा
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया है कि मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए टकराव के बाद रक्षा ऑर्डरों में बढ़ोतरी के कारण देश को छह महीने के अंदर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) लोन की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि JF-17 जैसे फाइटर जेट्स की वैश्विक मांग बढ़ी है, जिससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है।
विज्ञापन
दरअसल, कराची स्थित जियो टीवी से बात करते हुए ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत के साथ मई 2025 में हुए टकराव के बाद पाकिस्तान के साथ रक्षा ऑर्डर इस हद तक बढ़ गए हैं कि पाकिस्तान जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से कर्ज लेने की जरूरत नहीं होगा। आसिफ ने कहा, 'हमारे विमानों का परीक्षण हो चुका है, और हमें इतने ऑर्डर मिल रहे हैं कि छह महीने में पाकिस्तान को आईएमएफ की जरूरत नहीं पड़ेगी।', उन्होंने तर्क दिया कि दुनिया ने पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं पर ध्यान दिया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Pakistan: ऑपरेशन सिंदूर के बाद से खौफ में पाकिस्तान, US को पाले में लाने के लिए हर महीने लुटा रहा 50 हजार डॉलर
जानिए आखिर क्या है सच्चाई?
हालांकि, अर्थशास्त्रियों और रक्षा विश्लेषकों ने इस दावे को अवास्तविक बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान फाइटर जेट JF-17 का सिर्फ एक सीमित हिस्सा ही असेंबल करता है, जबकि मुख्य कंपोनेंट और रेवेन्यू चीन के साथ साझा किए जाते हैं। इतना ही नहीं एक सच्चाई यह भी है कि लड़ाकू विमान की बिक्री से होने वाली कमाई भी पाकिस्तान के लगभग $300 बिलियन के भारी कर्ज की भरपाई नहीं कर सकती।
ये भी पढ़ें: PAK के कबाड़ हथियार के भरोसे बांग्लादेश: खरीदेगी जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट, ऑपरेशन सिंदूर में हुआ था फुस्स
ऑपरेशन सिंदूर में फुस्स साबित हुआ JF-17
JF-17 चौथी पीढ़ी का एक हल्का, सिंगल-इंजन वाला मल्टीरोल लड़ाकू विमान है, जिसे इसे चीन के साथ पाकिस्तान ने तैयार किया है। हाल ही में जेएफ-17 ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चर्चाओं में आया था। पाकिस्तान ने दावा किया था कि पिछले साल मई 2025 में भारत-पाक संघर्ष के दौरान उसने इसी फाइटर जेट से भारत के 6 लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। हालांकि भारत ने पाकिस्तान के इस दुष्प्रचार की पोल खोल दी थी, लेकिन पाकिस्तान की आदत से पूरी दुनिया वाकिफ है।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन