फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   pakistan Clerics refused to lead funeral prayer of slain TTP commander in northwest

Pakistan: पाकिस्तान का दोहरा चरित्र, खुद आतंक की पनाहगाह, अब अपने ही लोगों पर बना रहा दबाव

Sun, 04 May 2025 03:18 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 04 May 2025 03:18 PM IST
सार

मौलवियों का कहना है कि टीटीपी कमांडर निर्दोष लोगों की मौत का जिम्मेदार था और उसने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इसके विरोध में ही मौलवियों ने नमाज नहीं पढ़ी। इसके बाद 10-20 लोगों ने बिना मौलवी के ही मिन्हाज के शव को दफनाया। 

विज्ञापन
pakistan Clerics refused to lead funeral prayer of slain TTP commander in northwest
आसिम मुनीर - फोटो : एक्स/डीजी आईएसपीआर

विस्तार

पाकिस्तान का एक बार फिर दोहरा चरित्र सामने आया है। दरअसल एक तरफ पाकिस्तान आतंक की पनाहगाह बना हुआ है तो दूसरी तरफ अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज को वह आतंकवाद का नाम देकर चुप कराने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि हाल ही में पाकिस्तानी सेना ने तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के एक कमांडर को ढेर किया था। खबर है कि उस कमांडर की नमाज ए जनाजा पढ़ाने से पाकिस्तान के मौलवियों ने इनकार कर दिया। 
विज्ञापन


मौलवियों ने टीटीपी कमांडर की नमाज ए जनाजा पढ़ाने से किया इनकार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीटीपी कमांडर मिन्हाज की बीते हफ्ते पाकिस्तानी सेना के साथ उत्तरी वजीरिस्तान इलाके में हुई मुठभेड़ में मौत हो गई थी। शनिवार को दक्षिणी वजीरिस्तान में उसके शव को दफनाया गया तो इलाके के सभी मौलवियों ने उसकी नमाज ए जनाजा पढ़ाने से इनकार कर दिया। मौलवियों का कहना है कि टीटीपी कमांडर निर्दोष लोगों की मौत का जिम्मेदार था और उसने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इसके विरोध में ही मौलवियों ने नमाज नहीं पढ़ी। इसके बाद 10-20 लोगों ने बिना मौलवी के ही मिन्हाज के शव को दफनाया। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Pakistan: गीदड़भभकियों से बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान; तनाव के बीच पड़ोसी के राजदूत ने उगला परमाणु हमले वाला जहर
विज्ञापन
विज्ञापन


उग्रवाद से जूझ रहा पाकिस्तान का वजीरिस्तान इलाका
गौरतलब है कि पाकिस्तान का वजीरिस्तान इलाका अशांत माना जाता है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान की सेना और प्रशासन ने ही स्थानीय मौलवियों पर दबाव बनाया है ताकि लोगों को उग्रवाद की राह पर जाने से रोका जा सके। जहां एक तरफ पाकिस्तान खुद के देश में शांति के लिए हरसंभव हथकंडा अपना रहा है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान खुद आतंक की पनाहगाह बना हुआ है और भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहा है। 

ये भी पढ़ें- पहलगाम हमला: भारत की कार्रवाई से बौखलाया पाकिस्तान; भारतीय जहाजों के लिए बंद किए अपने बंदरगाह


संबंधित वीडियो

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed