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China-Pakistan: 'हमारी दोस्ती अटूट, एक साथ धड़कते हैं चीन-पाकिस्तान के दिल'; द्विपक्षीय संबंध पर बोले PM शहबाज
Tue, 04 Jun 2024 02:25 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग / इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग / इस्लामाबाद
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 04 Jun 2024 02:25 PM IST
सार
पाकिस्तान और चीन के संबंध बेहद मजबूत हैं। यह कहना है हाल ही में प्रधानमंत्री बने शहबाज शरीफ का। पीएम शहबाज शरीफ ने पांच दिवसीय चीन यात्रा पर रवाना होने से पहले चीन के साथ अपने देश के रिश्ते को सदाबहार करार दिया। इस दौरे पर सीपीईसी परियोजना का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा।
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पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ (फाइल)
- फोटो : ANI
विस्तार
पाकिस्तान में नई सरकार के गठन के बाद अब पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने की कवायद हो रही है। तीन महीने पहले ही प्रधानमंत्री बने शहबाज शरीफ ने चीन और पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को सदाबहार करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध अटूट हैं। पीएम शहबाज शरीफ अरबों डॉलर की चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना के दूसरे चरण का शुभारंभ भी करेंगे। पीएम शरीफ ने चीन रवाना होने से पहले यह बातें कहीं। शरीफ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर 4 से 8 जून तक चीन में रहेंगे। चीनी मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में 72 साल के पीएम शरीफ ने कहा, 'हमारी दोस्ती अटूट है और हमारे दिल एक साथ धड़कते हैं।'
40 साल पुरानी याद ताजा हुई, चीन के विकास पर भी बोले
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, गर्म मौसम के बावजूद हमारे रिश्तों की गर्मजोशी पर असर नहीं पड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चीन ने मुश्किल समय में पाकिस्तान का साथ दिया है। पाकिस्तान चीन को दुनिया भर में 'सबसे भरोसेमंद दोस्तों' में से एक मानता है। अपनी 40 साल पुरानी यात्रा को याद करते हुए पीएम शहबाज ने कहा, चीन की अपनी पहली यात्रा पर उन्होंने देखा कि देश अविकसित है, लेकिन आज आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के जोरदार विकास की बदौलत आज वह अपने लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए समर्पित है।
चीनी तकनीक से सीखने को तैयार है पाकिस्तान
उन्होंने कहा कि चीन दूरदृष्टि, कड़ी मेहनत, गंभीर और अथक प्रयासों के माध्यम से विशाल देश बन चुका है। चीनी मॉडल के बारे में जितनी आशंकाएं थीं, वह इतिहास के साक्ष्यों से दूर हो चुके हैं। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान चीन के साथ आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने को तैयार है। साथ ही चीन में इस्तेमाल और विकसित की जा रही सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में बीजिंग के उन्नत अनुभव से सीखने का प्रयास भी किए जाएंगे।
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चीनी राष्ट्रपति से मिलेंगे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
बता दें कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार मार्च में सत्ता में आई। इसके बाद शहबाज शरीफ ने दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला। नई सरकार के गठन के बाद वे पहली बार चीन की यात्रा पर हैं। उनकी यात्रा से पहले, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने पिछले सप्ताह बताया था कि अपनी यात्रा के दौरान शरीफ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से वार्ता करेंगे। दोनों नेता मिलकर चीन-पाकिस्तान संबंधों के विकास के लिए 'संयुक्त रूप से खाका तैयार करेंगे।'
विदेश में प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रहे शी जिनपिंग
शरीफ की चीन यात्रा के दौरान दोनों देश 60 अरब डॉलर की लागत वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के दूसरे चरण का शुभारंभ कर सकते हैं, इस बात की पूरी उम्मीद है। यह परियोजना पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ग्वादर बंदरगाह को चीन के झिंजियांग प्रांत से जोड़ने के नजरिए से बेहद अहम है। सीपीईसी चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत एक अन्य प्रमुख परियोजना है। बीआरआई के माध्यम से चीन दुनिया भर में चीनी निवेश करना चाहता है। चीन की तरफ से वित्तपोषित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ इसे जिनपिंग के उन प्रयासों के रूप में भी देखा जाता है, जिनके माध्यम से वे विदेशों में अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
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40 साल पुरानी याद ताजा हुई, चीन के विकास पर भी बोले
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, गर्म मौसम के बावजूद हमारे रिश्तों की गर्मजोशी पर असर नहीं पड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चीन ने मुश्किल समय में पाकिस्तान का साथ दिया है। पाकिस्तान चीन को दुनिया भर में 'सबसे भरोसेमंद दोस्तों' में से एक मानता है। अपनी 40 साल पुरानी यात्रा को याद करते हुए पीएम शहबाज ने कहा, चीन की अपनी पहली यात्रा पर उन्होंने देखा कि देश अविकसित है, लेकिन आज आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के जोरदार विकास की बदौलत आज वह अपने लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए समर्पित है।
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चीनी तकनीक से सीखने को तैयार है पाकिस्तान
उन्होंने कहा कि चीन दूरदृष्टि, कड़ी मेहनत, गंभीर और अथक प्रयासों के माध्यम से विशाल देश बन चुका है। चीनी मॉडल के बारे में जितनी आशंकाएं थीं, वह इतिहास के साक्ष्यों से दूर हो चुके हैं। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान चीन के साथ आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने को तैयार है। साथ ही चीन में इस्तेमाल और विकसित की जा रही सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में बीजिंग के उन्नत अनुभव से सीखने का प्रयास भी किए जाएंगे।
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चीनी राष्ट्रपति से मिलेंगे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
बता दें कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार मार्च में सत्ता में आई। इसके बाद शहबाज शरीफ ने दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला। नई सरकार के गठन के बाद वे पहली बार चीन की यात्रा पर हैं। उनकी यात्रा से पहले, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने पिछले सप्ताह बताया था कि अपनी यात्रा के दौरान शरीफ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से वार्ता करेंगे। दोनों नेता मिलकर चीन-पाकिस्तान संबंधों के विकास के लिए 'संयुक्त रूप से खाका तैयार करेंगे।'
विदेश में प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रहे शी जिनपिंग
शरीफ की चीन यात्रा के दौरान दोनों देश 60 अरब डॉलर की लागत वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के दूसरे चरण का शुभारंभ कर सकते हैं, इस बात की पूरी उम्मीद है। यह परियोजना पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ग्वादर बंदरगाह को चीन के झिंजियांग प्रांत से जोड़ने के नजरिए से बेहद अहम है। सीपीईसी चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत एक अन्य प्रमुख परियोजना है। बीआरआई के माध्यम से चीन दुनिया भर में चीनी निवेश करना चाहता है। चीन की तरफ से वित्तपोषित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ इसे जिनपिंग के उन प्रयासों के रूप में भी देखा जाता है, जिनके माध्यम से वे विदेशों में अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।