{"_id":"5e4ab3808ebc3ef26d63fa7b","slug":"pakistan-avoided-fatf-black-list-with-chinese-help","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन की मदद से एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट में जाने से बचा पाकिस्तान","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
चीन की मदद से एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट में जाने से बचा पाकिस्तान
Mon, 17 Feb 2020 09:08 PM IST
अमित कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: अमित कुमार
Updated Mon, 17 Feb 2020 09:08 PM IST
सार
पाकिस्तान के लिए फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की तरफ से राहत भरी खबर आई है। इस बार वह टास्क फोर्स को यह बताने में कामयाब हो गया है कि उसने आतंकी फंडिंग रोकने की दिशा में कारगर कोशिशें की हैं। फिलहाल उसे ग्रे लिस्ट से ब्लैक लिस्ट में नहीं डाला जाएगा।
विज्ञापन
इमरान कान
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोमवार को हुई एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान की ओर से पेश की गई रिपोर्ट की समीक्षा की गई और पाया गया कि टास्क फोर्स की ओर से दिए गए 27 सूत्री कार्ययोजना में से पाकिस्तान ने 14 पर गंभीरता से अमल किया है।
विज्ञापन
पेरिस में एक हफ्ते तक चलने वाली टास्क फोर्स की बैठक में फिलहाल पाकिस्तान की कोशिशों पर संतोष जताया गया है। कहा गया है कि इससे यह पता चलता है कि पाकिस्तान आतंकी फंडिग पर रोक लगाने को लेकर किस हद तक गंभीर है। अब इस बैठक में यह तय किया जाना बाकी है कि क्या पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकाल कर व्हाइट लिस्ट में वापस लाया जाए या फिर अगले कुछ महीनों तक उसपर निगरानी रखने और दबाव बनाए रखने के लिए उसे अभी इसी लिस्ट में बरकरार रखा जाए।
विज्ञापन
इसके पहले पिछले साल अक्तूबर में हुई टास्क फोर्स की बैठक में भी पाकिस्तान की आतंकी फंडिंग रोकने के लिए वहां के बैंक पर सख्ती बरतने के साथ ही पांच अन्य मामलों में कारगर कदम उठाने के लिए तारीफ की गई थी। जबकि जनवरी में चीन में हुई टास्क फोर्स के ज्वाइंट ग्रुप की बैठक में भी पाकिस्तान ने मजबूती से अपना पक्ष रखा था।
विज्ञापन
बैठक में हिस्सा लेने पाकिस्तान के वित्त मंत्री हम्माद अजहर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पेरिस गया है। बैठक 16 से 21 फरवरी तक हो रही है और माना जा रहा है कि आने वाले दिन भी पाकिस्तान के लिए अहम होने वाले हैं।