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इमरान खान के बचाव में आई पाकिस्तानी आर्मी, आजादी मार्च निकालने वालों को दी चेतावनी
Sat, 02 Nov 2019 05:16 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Sat, 02 Nov 2019 05:16 PM IST
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इमरान खान (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार के खिलाफ विपक्ष ने आजादी मार्च निकाला। इसकी अगुवाई मौलाना फजलुर रहमान ने की जो जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) के अध्यक्ष हैं। अब आजादी मार्च को लेकर पाकिस्तान की सेना ने चेतावनी जारी की है। पाक सेना ने कहा कि किसी को भी देश में अस्थिरता और अराजकता पैदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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मौलाना फजलुर रहमान ने इमरान खान को दो दिन के अंदर प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने की धमकी दी थी। इसपर पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने चेतावनी देते हुए कहा कि मौलाना फजलुर रहमान एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ हैं। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि वह किस संस्था की बात कर रहे हैं। पाकिस्तान के सशस्त्र बल हमेशा लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकारों का समर्थन करते हैं।
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आजादी मार्च की शुरुआत कराची के सोहराब गोथ से 27 अक्तूबर को हुई थी। शुक्रवार को यह अपने आखिरी गंतव्य स्थान इस्लामाबाद पहुंचा। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मौलाना फजलुर रहमान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं इमरान खान की सरकार को चेतावनी देता हूं कि वह दो दिनों के भीतर पद प्रधानमंत्री पद से अपना इस्तीफा दें।
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फजलुर रहमान ने इमरान खान की तुलना सोवियत संघ के नेता 'मिखाइल गोर्बाचेव' से की। मौलाना ने कहा कि 'पाकिस्तान के गोर्बाचेव' को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के संयम की परीक्षा लिए बगैर ही पद से इस्तीफा देना चाहिए, वरना इसके नतीजे भयावह होंगे।
रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान को चलाने का अधिकार यहां की जनता को है ना कि किसी सरकारी संस्थान को। साथ ही उन्होंने अपने आवास पर सरकार के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए बहुदलीय सम्मेलन का आयोजन किया।