राम मंदिर के भूमिपूजन से बौखलाया पाक, भारत की धर्मनिरपेक्षता पर उठाए सवाल
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य भूमिपूजन के साथ प्रारंभ हो गया। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां पहुंचकर मंदिर की आधारशिला रखी। इस मौके पर जहां पूरे देश में खुशी का माहौल है वहीं पाकिस्तान ने फिर से बौखला गया है।
अपनी आदत से लाचार पाकिस्तान ने अब राम मंदिर को लेकर बयानबाजी की है। अपने बयानों से हमेशा से विवादों में रहने वाले इमरान खान सरकार में रेल मंत्री शेख रशीद ने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए उसे सांप्रदायिक बताया। रशीद ने कहा, भारत अब राम नगर हो गया है। वहां सेक्युलरिज्म नहीं रहा।
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब रशीद ने बेतुका बयान दिया है, इससे पहले भी अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रशीद ने कहा था कि भारत में अब हिंदूवादी ताकतें हावी हो गई हैं।
मंगलवार को एक बयान में शेख रशीद ने भारत में धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठाए। इमरान के मंत्री ने कहा, 'भारत अब राम नगर में तब्दील हो चुका है। वहां सांप्रदायिकता बढ़ रही है और धर्मनिरपेक्षता यानी सेक्युलरिज्म खत्म हो रहा है। साफ तौर पर कहूं तो भारत अब सेक्युलर रहा ही नहीं। वहां अल्पसंख्यकों को दिक्कत हो रही है। भारत अब श्रीराम के हिंदुत्व में ढल चुका है।
इस मौके पर रशीद ने एक बार फिर से कश्मीर का राग भी अलापा। उसने कहा, 'यह संयोग ही है कि जिस दिन मोदी राम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे, उसी दिन जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए हुए एक साल हो रहा है। रशीद ने कहा, 'पाकिस्तान के मुसलमान कश्मीरियों के साथ खड़े हैं। भारत उन्हें यह तय करने का मौका दे कि वे किसके साथ रहना चाहते हैं।
पाकिस्तान में कृष्ण मंदिर बनवाए इमरान सरकार
भारत में राम मंदिर निर्माण को लेकर पाकिस्तान में पक्ष और विपक्ष दोनों ही बुरी तरह से तिलमिलाए हुए हैं। भूमि पूजन के बाद पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने इमरान सरकार के सामने मोदी को जवाब देने की मांग रख दी है। मांग भी ऐसी जिससे पाकिस्तान में हंगामा हो सकता है। पीपीपी ने कहा- मोदी अयोध्या में राम मंदिर बनवा रहे हैं। अब इमरान को इसका माकूल जवाब देने के लिए इस्लामाबाद में कृष्ण मंदिर बनाना चाहिए।
पीपीपी के सांसद और पार्टी चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी के प्रवक्ता मुस्तफा नवाज खोखर ने एक बयान जारी कर कहा, 'मोदी को सटीक जवाब देना जरूरी है। लिहाजा, इमरान सरकार फौरन इस्लामाबाद में मंदिर निर्माण शुरू कराए। इसके लिए सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए। उन तमाम दिक्कतों को फौरन दूर किया जाना चाहिए, जो राजधानी में मंदिर निर्माण में आ रही हैं। इस्लामाबाद में मंदिर बनाकर हम दुनिया को ये बता पाएंगे कि पाकिस्तान में सभी मजहबों का सम्मान होता है।
गौरतलब है कि इस्लामाबाद में एक महीने पहले कृष्ण मंदिर का निर्माण कार्य शुरू भी हुआ था। लेकिन, कट्टरपंथियों के दबाव में सरकार को इसे रोकना पड़ा।