UNSC में पाक की फिर फजीहत, परिषद ने जम्मू-कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा बताया
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बंद कमरे में हुई अनौपचारिक बैठक में पाकिस्तान की एक बार फिर से फजीहत हो गई है। परिषद में शामिल सभी देशों ने जम्मू-कश्मीर को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए इसे द्विपक्षीय मुद्दा बताया। साथ ही परिषद ने कहा कि यह मुद्दा ऐसा नहीं है जिस पर समय और ध्यान दिया जाए। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने दी।
Another attempt by Pak fails. In today’s meeting of UNSC which was closed, informal, not recorded & without any outcome, almost all countries underlined J&K was bilateral issue & did not deserve time & attention of Council: TS Tirumurti, Permanent Representative of India to UN pic.twitter.com/Namiive955
— ANI (@ANI) August 5, 2020विज्ञापन
भारत ने बुधवार को पाकिस्तान की कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मंच पर ले जाने की नापाक हरकत को लेकर एक बार फिर लताड़ लगाई। भारत ने कहा कि पूरी दुनिया कश्मीर मुद्दे को द्विपक्षीय मुद्दा मानती है और यह ऐसा नहीं है जिस पर अतंरराष्ट्रीय संस्था अपना समय और ध्यान केंद्रित करे।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने बताया कि इससे पहले पाकिस्तान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय संस्था के समक्ष इस मुद्दे को उठाने का असफल प्रयास किया था। तिरुमूर्ति ने कहा कि परिषद की बैठक में लगभग सभी देश इस बात पर सहमत दिखे कि कश्मीर मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा है। ऐसे में पाकिस्तान का यह प्रयास एक बार फिर विफल हो गया।
इस बीच एक सूत्र ने कहा कि परिषद की बैठक में अमेरिका मोर्चा संभालते हुए इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं होने देने को लेकर भारत के साथ खड़ा रहा। बता दें कि भारतीय संसद से पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग अलग राज्य का दर्जा देने को लेकर कानून पारित किए जाने के बाद से ही पाकिस्तान समय-समय पर कश्मीर मुद्दे को उठाने का प्रयास करता आ रहा है।
पाकिस्तान ने अपने इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य चीन को अपने पक्ष में लाने का प्रयास किया है। हालांकि परिषद के 15 सदस्यों की बंद कमरे में हुई इस अनौपचारिक बैठक में हुई चर्चा में से कुछ भी रिकॉर्ड पर नहीं लिया गया और ना ही मीडिया में किसी तरह का बयान जारी किया गया।
तिरुमूर्ति ने कहा कि नवंबर 1965 के बाद से आज तक परिषद की किसी भी औपचारिक बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं कराई गई है। केवल दो बार अगस्त 2019 और जनवरी 2020 में अनौपचारिक बैठक हुई है।
बता दें कि अगस्त 2019 में हुई पहली अनौपचारिक बैठक में चीन ने कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने पर भारत की कड़ी आलोचना की थी। हालांकि भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से साफ कहा था कि अनुच्छेद 370 का हटाया जाना उसका अपना आंतरिक मसला है।