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India-Pakistan Conflict: 'हमने भारत को करारा जवाब दिया, मुनीर ने जीत दिलाई', पढ़िए शरीफ के झूठे दावे की लिस्ट
Sat, 31 May 2025 11:12 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 31 May 2025 11:12 PM IST
सार
पाकिस्तान चार बार युद्ध के मोर्चे पर भारत से मुंह की खाने के बाद भी सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। बीते सात मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत नौ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इसके बाद से ही पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ लगातार झूठे दावे करने में जुटे हैं। क्वेटा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत को करारा जवाब दिया और हालिया युद्ध में जनरल मुनीर ने हमें ऐतिहासिक जीत दिलाई है।
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शहबाज शरीफ, पाकिस्तानी पीएम
- फोटो : X @CMShehbaz
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विस्तार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को कई झूठे दावे किए हैं, कि हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए टकराव में पाकिस्तान ने सिर्फ जवाब नहीं दिया, बल्कि 'हालात को पलट कर रख दिया।' यह बयान उन्होंने बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा में मौजूद कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में सेना अधिकारियों को संबोधित करते हुए दिया।
पढ़िए शरीफ के झूठे दावे की लिस्ट
संघर्ष के बाद क्या हुआ?
भारत की ओर से 9-10 मई को किए गए भीषण जवाबी हमले में पाकिस्तान की कई अहम सैन्य इकाइयों और एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचाया। इस जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने संघर्ष रोकने के लिए भारत के सामने घुटने टेक दिए।
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यह भी पढ़ें - CDS: 'विमान गिरे यह अहम नहीं, क्यों गिरे यह महत्वपूर्ण, हम गलती सुधारने में सक्षम'; ऑपरेशन सिंदूर पर सीडीएस
सिंधु जल संधि पर शरीफ का दावा
प्रधानमंत्री शरीफ ने यह भी साफ किया कि पाकिस्तान भारत को सिंधु जल संधि को एकतरफा निलंबित करने नहीं देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि 'पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की गई तो उसका कड़ा जवाब मिलेगा।' बता दें कि, 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के जल के बंटवारे को लेकर यह संधि हुई थी। पहलगाम हमले के बाद भारत ने संधि को 'स्थगित' करने की घोषणा की थी, जो एक बड़ा कूटनीतिक कदम माना गया।
शहबाज शरीफ की गीदड़भभकी
शरीफ ने कहा कि 'पाकिस्तान की सरकार और जनता अपनी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।' भविष्य में अगर भारत फिर कोई 'गलती' करता है, तो पाकिस्तान 'पूरी ताकत से जवाब देगा।' क्वेटा में एक 'ग्रैंड जिरगा' (जनजातीय नेताओं की सभा) को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि इस बार पाकिस्तान ने सिर्फ जवाब नहीं दिया, बल्कि 1971 के युद्ध का बदला भी ले लिया। 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था, जिसके बाद पूर्वी पाकिस्तान ने बांग्लादेश के रूप में स्वतंत्रता प्राप्त की थी। उस युद्ध में पाकिस्तान ने ढाका में आत्मसमर्पण कर दिया था। शरीफ के इस बयान का मतलब है कि उन्होंने इस हालिया सैन्य टकराव को उस पुराने अपमान का बदला बताया।
यह भी पढ़ें - हाफिज सईद के करीबी का दावा: बांग्लादेश में सरकार विरोधी आंदोलन में निभाई अहम भूमिका, 1971 का लिया बदला
पीएम शहबाज बोले- मित्र देश नहीं चाहते हम कटोरा लेकर उनके सामने जाएं
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि हमारे मित्र देश हमसे भीख का कटोरा लेकर आने की उम्मीद नहीं करते। वह हमारे साथ व्यापार करना चाहते हैं, जो पारस्परिक रूप से फायदेमंद हो। क्वेटा में शनिवार को सेना के अधिकारियों को संबोधित करते हुए शहबाज ने कहा कि चीन पाकिस्तान का सबसे पुराना दोस्त है। सऊदी अरब पाकिस्तान का सबसे भरोसेमंद और सच्चा दोस्त है। इसी तरह तुर्किये, कतर और संयुक्त अरब अमीरात भी पाकिस्तान के अच्छे दोस्त हैं। उन्होंने कहा, मैं यह बात बिल्कुल स्पष्ट कर दूं कि वे हमसे यह अपेक्षा रखते हैं कि हम उन्हें व्यापार, वाणिज्य, नवाचार, शोध एवं विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, लाभदायक उपक्रमों में निवेश में शामिल करें। शहबाज ने जोर देते हुए कहा कि अब ये देश यह उम्मीद नहीं करते कि हम भीख का कटोरा लेकर उनके पास जाएं। उन्होंने कहा, मैं फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ इस बोझ को अपने कंधे पर उठाने वाला आखिरी व्यक्ति हूं, क्योंकि यह बोझ अंततः हमारे कंधों पर आता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने प्राकृतिक और मानव संसाधनों का इस्तेमाल करना चाहिए।
पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सैन्य झड़प
22 अप्रैल को भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई। इस हमले का आरोप पाकिस्तान में आतंकी संगठनों पर लगाया गया। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में आतंकी ठिकानों को ब्रह्मोस मिसाइल जैसे आधुनिक हथियारों से निशाना बनाया गया। 7 मई से 10 मई तक दोनों देशों के बीच जबरदस्त सैन्य झड़पें हुईं - जमीन और आसमान दोनों में। भारत और पाकिस्तान दोनों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। 10 मई को दोनों देशों में संघर्ष विराम समझौते के तहत लड़ाई रोकने का निर्णय लिया गया।
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पढ़िए शरीफ के झूठे दावे की लिस्ट
- भारत ने पहलगाम हमले के बहाने पाकिस्तान पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान ने 'जवाब में हालात को अपने पक्ष में मोड़ दिया।'
- उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना देश की संप्रभुता की रखवाली करती है और हर खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
- उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान एयर फोर्स ने भारतीय लड़ाकू विमान मार गिराए।
- भारतीय सेना के 7 महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
- एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर ने अपने नेतृत्व का लोहा मनवाया।
- सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने ऐतिहासिक जीत दिलाई और वे 'फील्ड मार्शल' की पदवी के योग्य हैं।
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संघर्ष के बाद क्या हुआ?
भारत की ओर से 9-10 मई को किए गए भीषण जवाबी हमले में पाकिस्तान की कई अहम सैन्य इकाइयों और एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचाया। इस जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने संघर्ष रोकने के लिए भारत के सामने घुटने टेक दिए।
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सिंधु जल संधि पर शरीफ का दावा
प्रधानमंत्री शरीफ ने यह भी साफ किया कि पाकिस्तान भारत को सिंधु जल संधि को एकतरफा निलंबित करने नहीं देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि 'पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की गई तो उसका कड़ा जवाब मिलेगा।' बता दें कि, 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के जल के बंटवारे को लेकर यह संधि हुई थी। पहलगाम हमले के बाद भारत ने संधि को 'स्थगित' करने की घोषणा की थी, जो एक बड़ा कूटनीतिक कदम माना गया।
शहबाज शरीफ की गीदड़भभकी
शरीफ ने कहा कि 'पाकिस्तान की सरकार और जनता अपनी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।' भविष्य में अगर भारत फिर कोई 'गलती' करता है, तो पाकिस्तान 'पूरी ताकत से जवाब देगा।' क्वेटा में एक 'ग्रैंड जिरगा' (जनजातीय नेताओं की सभा) को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि इस बार पाकिस्तान ने सिर्फ जवाब नहीं दिया, बल्कि 1971 के युद्ध का बदला भी ले लिया। 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था, जिसके बाद पूर्वी पाकिस्तान ने बांग्लादेश के रूप में स्वतंत्रता प्राप्त की थी। उस युद्ध में पाकिस्तान ने ढाका में आत्मसमर्पण कर दिया था। शरीफ के इस बयान का मतलब है कि उन्होंने इस हालिया सैन्य टकराव को उस पुराने अपमान का बदला बताया।
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पीएम शहबाज बोले- मित्र देश नहीं चाहते हम कटोरा लेकर उनके सामने जाएं
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि हमारे मित्र देश हमसे भीख का कटोरा लेकर आने की उम्मीद नहीं करते। वह हमारे साथ व्यापार करना चाहते हैं, जो पारस्परिक रूप से फायदेमंद हो। क्वेटा में शनिवार को सेना के अधिकारियों को संबोधित करते हुए शहबाज ने कहा कि चीन पाकिस्तान का सबसे पुराना दोस्त है। सऊदी अरब पाकिस्तान का सबसे भरोसेमंद और सच्चा दोस्त है। इसी तरह तुर्किये, कतर और संयुक्त अरब अमीरात भी पाकिस्तान के अच्छे दोस्त हैं। उन्होंने कहा, मैं यह बात बिल्कुल स्पष्ट कर दूं कि वे हमसे यह अपेक्षा रखते हैं कि हम उन्हें व्यापार, वाणिज्य, नवाचार, शोध एवं विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, लाभदायक उपक्रमों में निवेश में शामिल करें। शहबाज ने जोर देते हुए कहा कि अब ये देश यह उम्मीद नहीं करते कि हम भीख का कटोरा लेकर उनके पास जाएं। उन्होंने कहा, मैं फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ इस बोझ को अपने कंधे पर उठाने वाला आखिरी व्यक्ति हूं, क्योंकि यह बोझ अंततः हमारे कंधों पर आता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने प्राकृतिक और मानव संसाधनों का इस्तेमाल करना चाहिए।
पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सैन्य झड़प
22 अप्रैल को भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई। इस हमले का आरोप पाकिस्तान में आतंकी संगठनों पर लगाया गया। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में आतंकी ठिकानों को ब्रह्मोस मिसाइल जैसे आधुनिक हथियारों से निशाना बनाया गया। 7 मई से 10 मई तक दोनों देशों के बीच जबरदस्त सैन्य झड़पें हुईं - जमीन और आसमान दोनों में। भारत और पाकिस्तान दोनों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। 10 मई को दोनों देशों में संघर्ष विराम समझौते के तहत लड़ाई रोकने का निर्णय लिया गया।
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