Pakistan: आम चुनाव से पहले इमरान को फिर झटका, सुप्रीम कोर्ट ने नामांकन पत्र को लेकर दायर याचिका लौटाई
Pakistan: पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को इमरान खान की उस याचिका को लौटा दिया है, जिसमें नामांकन पत्र को अस्वीकार करने के फैसले को चुनौती दी गई थी।
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पाकिस्तान में एक हफ्ते बाद आम चुनाव होने हैं। लेकिन, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नामांकन पत्र अब तक जमा नहीं हो पाए हैं। इस बीच, गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय से उन्हें झटका मिला है। शीर्ष अदालत ने उनकी उस याचिका को लौटा दिया, जिसमें उनके नामांकन पत्र को अस्वीकार करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। इमरान अभी रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।
स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक, याचिका में इमरान ने पंजाब प्रांत में नेशनल असेंबली की दो सीटों (लाहौर और मियांवाली) के लिए नामांकन पत्र खारिज करने के आदेश को चुनौती दी थी। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के प्रमुख खान का नामांकन पत्र पिछले महीने नैतिक आधार पर खारिज कर दिया गया था। उन्हें तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराया गया था। तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में इमरान पर आरोप था कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान महंगे सरकारी उपहारों को अपने पास रखा।
उन्होंने बुधवार को याचिका दाखिल की थी। जिसमें उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया था कि उन्हें दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने के लिए योग्य घोषित किया जाए। 'डॉन' अखबार की खबर के मुताबिक, शीर्ष अदालत ने खान की याचिका को लौटाया और निर्देश दिया कि याचिका में खामियों को दूर किया जाए और फिर से दाखिल की जाए। खबर के मुताबिक, अदालत के कार्यालय ने कहा कि याचिका में मामले का अनुचित विवरण है और असली विवादों, मुकदमों के क्रमांक और जरूरी सवालों का जिक्र नहीं है।
इमरान खान ने याचिका में दर्क दिया था कि नैतिक अपराधी को अनुच्छेद 63 (1) (एच) के तहत अयोग्य घोषित किया जा सकता है। लेकिन, तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषसिद्धि नैतिक आधार पर नहीं हुई है। याचिका में कहा गया था कि चुनाव अधिकारी, चुनाव न्यायाधिकरण और उच्च न्यायालय के फैसलों को अमान्य घोषित किया जाना चाहिए। इससे पहले, इमरान खान ने नामांकन खारिज होने पर उच्च न्यायालय का रुख किया था। लेकिन, उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था और चुनाव अधिकारी और अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसलों को बरकरार रखा।