New Pak Army Chief: मुनीर की नियुक्ति पर राष्ट्रपति अल्वी की मुहर, भारत विरोधी साजिशों में हैं माहिर
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक जनरल मुनीर और जनरल मिर्जा दोनों ने नए सेनाध्यक्ष और ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के रूप में अपनी नियुक्ति की पुष्टि के बाद पीएम शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से अलग-अलग मुलाकात की।
विस्तार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने गुरुवार को ले. जनरल असीम मुनीर को देश का नया सेना प्रमुख नियुक्त कर दिया। वे नए चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ (COAS) होंगे वहीं, ले. जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टॉफ कमेटी (CJCSC) का चेयरमैन बनाया गया है। राष्ट्रपति अल्वी ने दोनों के नियुक्ति आदेश पर दस्तखत कर दिए।
जनरल मुनीर पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने भारत के खिलाफ पुलवामा हमले समेत कई साजिशें रचीं। वे पूर्व पीएम इमरान खान के विरोधी व मौजूदा सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के करीबी हैं।
जियो न्यूज के अनुसार प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने मुनीर को सेना प्रमुख और मिर्जा को ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टॉफ कमेटी नियुक्त करने का प्रस्ताव राष्ट्रपति अल्वी को भेजा था। अल्वी ने उसे मंजूरी दे दी। आदेश में कहा गया है कि ले. जन. मिर्जा को तत्काल प्रभाव से पदोन्नत किया जाता है। उनकी नियुक्ति 27 नवंबर से प्रभावी होगी। इसी तरह ले. जन. सैयद असीम मुनीर को तत्काल प्रभाव से जनरल के पद पर पदोन्नत किया जाता है। वे 29 नवंबर से पाक सेना प्रमुख का पद संभालेंगे।
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक जनरल मुनीर और जनरल मिर्जा दोनों ने नए सेनाध्यक्ष और ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के रूप में अपनी नियुक्ति की पुष्टि के बाद पीएम शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से अलग-अलग मुलाकात की।
मौजूदा पाक सेना प्रमुख बाजवा तय कार्यकाल के मुताबिक 29 नवंबर 2019 को सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने उन्हें 19 अगस्त, 2019 को तीन साल का सेवा विस्तार दिया था। माना जा रहा था कि इस बार भी जनरल बाजवा सेवा विस्तार की मांग करेंगे, लेकिन उन्होंने कई माह पहले ही संकेत दे दिया था कि वे इसी साल सेवानिवृत्त होने की योजना बना रहे हैं।
2019 में चर्चा में आए मुनीर
असीम मुनीर सबसे ज्यादा चर्चा में 2019 में आए। तब उन्होंने आईएसआई चीफ के नाते तत्कालीन पीएम इमरान खान के सामने उनकी पत्नी बुशरा बीबी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। अब आर्थिक, सियासी व इस्लामी कट्टरपंथियों की चुनौती के बीच मुनीर के फैसले पाकिस्तान की दशा और दिशा तय करेंगे, क्योंकि पाकिस्तान की घरेलू राजनीति और विदेश नीति सेना प्रमुख के इर्द-गिर्द ही घूमती है।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बढ़ेंगी मुश्किलें
अक्तूबर 2018 में इमरान खान ने खुद मुनीर को आईएसआई प्रमुख नियुक्त करने की मंजूरी दी, लेकिन खान की पत्नी बुशरा बीबी व उसके परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, तो महज आठ माह में मुनीर को आईएसआई चीफ का ओहदा खोना पड़ा। इसके बाद जन. बाजवा व खान में नए आईएसआई चीफ की नियुक्ति को लेकर लंबी खींचतान चली। इमरान लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को आईएसआई चीफ बनाना चाहते थे, लेकिन जनरल बाजवा ने ले. जनरल नदीम अंजुम को यह पद दिया। वहीं, शरीफ मुनीर को सेना मुख्यालय पर तैनात कर दिया गया। ऐसे में पूर्व पीएम की अब मुश्किलें बढ़ना तय है।
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और दो खुफिया एजेंसियों प्रमुख रहे मुनीर
14 फरवरी, 2019 को जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर पुलवामा के पास सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमले केा असल मास्टरमांइड लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर पाकिस्तानी सेना के नए प्रमुख घोषित किए गए हैं। भारत से नफरत और क्रूर साजिशें रचने में माहिर मुनीर आतंकियों को पालने के लिए कुख्यात पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और मिलिट्री इंटेलिजेंस दोनों के प्रमुख रह चुके हैं। इस हमले में भारत ने सीआरपीएफ के 40 जवान खोए थे।