{"_id":"6210e3274cba7b50fb680bef","slug":"pak-national-in-us-sentenced-to-12-years-in-jail-for-healthcare-fraud-money-laundering-conspiracy","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका: रावलपिंडी के शख्स का कारनामा, कई भारतीय नामों का इस्तेमाल कर घोटाला किया, 12 साल की जेल","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिका: रावलपिंडी के शख्स का कारनामा, कई भारतीय नामों का इस्तेमाल कर घोटाला किया, 12 साल की जेल
Sat, 19 Feb 2022 06:01 PM IST
Amit Mandal
पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 19 Feb 2022 06:01 PM IST
सार
होम हेल्थ केयर कंसल्टिंग में काम करते हुए अतीक ने नीलेश पटेल, संजय कपूर और राजेश देसाई सहित कई तरह की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर घोटाला किया।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
अमेरिका में भारतीय नामों सहित कई नकली पहचान का इस्तेमाल करने वाले एक 33 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक को 12 साल जेल की सजा सुनाई गई है। साथ ही अमेरिकी अदालत द्वारा उसे हेल्थकेयर योजना में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश का दोषी पाए जाने के बाद लगभग 48 मिलियन अमरीकी डॉलर का भुगतान करने का भी आदेश दिया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने यह जानकारी दी है।
विज्ञापन
रावलपिंडी के मो. अतीक का कारनामा
रावलपिंडी का रहने वाले मोहम्मद अतीक ने होम हेल्थ केयर कंसल्टिंग के इस्लामाबाद कार्यालय में काम किया था। इस कंपनी ने इलिनोइस, इंडियाना, नेवादा और टेक्सास में स्थित 20 से अधिक घरेलू स्वास्थ्य एजेंसियों के लिए मेडिकेयर बिलिंग और इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड के रखरखाव का काम किया था।
विज्ञापन
न्याय विभाग ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि होम हेल्थ केयर कंसल्टिंग में काम करते हुए अतीक ने नीलेश पटेल, संजय कपूर और राजेश देसाई सहित कई तरह की फर्जी पहचान का इस्तेमाल अमेरिका में घरेलू स्वास्थ्य एजेंसियों को हासिल करने और प्रबंधित करने के लिए किया।
विज्ञापन
इलिनोइस के उत्तरी जिले के न्यायालय के न्यायाधीश मनीष शाह ने 24 लाख अमेरिकी डॉलर के कैशियर चेक और 10 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की नकदी को जब्त करने का भी आदेश दिया, जिसे अतीक ने धोखाधड़ी कर हासिल किया था। एजेंसियां हासिल करने के बाद अतीक ने घरेलू स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेडिकेयर के धोखाधड़ी के दावे प्रस्तुत किए और ऐसी सेवाओं के भुगतान के रूप में 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का भुगतान हासिल किया जो कभी दी ही नहीं गई थी।