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Toshakhana Case: पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने इमरान के दावों को किया खारिज, कहा- घबराहट में लगाए मनगढ़ंत आरोप

Sun, 07 Apr 2024 11:09 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 07 Apr 2024 11:09 PM IST
सार

Toshakhana Case: पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्ला तरार ने तोशाखाना मामले में सेना के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनके दावे झूठे, मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं।

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Pak minister rebuts Imran Khan’s 'fabricated, baseless' allegations about Toshakhana case
इमरान खान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान के एक वरिष्ठ मंत्री ने तोशाखाना मामले में सेना के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनके दावे झूठे, मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं। क्रिकेटर से नेता बने इमरान ने आरोप लगाया था कि सेना के शीर्ष नेतृत्व ने उनका मनोबल तोड़ने के उन्हें और उनकी पत्नी बुशरा बीवी को इस मामले में फंसाया था। 

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देश की एक जवाबदेही अदालत ने तोशाखाना मामले में इमरान और बुशरा को 31 जनवरी को 14-14 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद आठ फरवरी को देश में आम चुनाव हुए थे। जिसमें किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। हालांकि, शहबाज शरीफ नेतृत्व वाली पीएमएल-एन और बिलावल भुट्टो जरदरारी की पीपीपी ने हाथ मिला लिया। इसके बाद शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री बने, जबकि आसिफ अली जरदारी को राष्ट्रपति बनाया गया। 

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एक अप्रैल को उच्च न्यायालय ने तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दंपति को सुनाई गई 14 साल की सजा को निलंबित कर दिया था। इमरान खान के आधिकारिक एक्स खाते पर एक पोस्ट की गई, जिसमें अदियाला जेल में पत्रकारों से उनकी बातचीत की प्रतिलिपि (ट्रांसक्रिप्ट) साझा की गई। इमरान खान ने दावा किया कि शीर्ष सैन्य नेतृत्व देश को चला रहा है। 

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पीटीआई संस्थापक ने लंदन प्लान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यह साजिश मौजूदा सेना प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मिलकर रची थी और इस प्लान को लागू करने में न्यायाधीशों को भी शामिल किया गया था और उन्हें इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) द्वारा नियुक्त किया गया था। 

पूर्व प्रधानमंत्री खान ने दावा किया कि उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के जरिए सैन्य नेतृत्व को एक संदेश भी दिया था कि वह लंदन प्लान के बारे में जानते हैं और हम आपके दुश्मन नहीं हैं। उनके आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सूचना मंत्री अताउल्ला तरार ने कहा कि ये आरोप घबराहट और निराशा की स्थिति से उपजे हैं। मंत्री ने एक्स पर इन्हें बिना किसी सबूत के पूरी तरह से गलत, मनगढ़ंत और आधारहीन आरोप बताया। 

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