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Pakistan: साधारण अधिसूचना के जरिए सेना प्रमुख की दोबारा नियुक्त कर सकेंगे पीएम, कानून में संशोधन की तैयारी

Wed, 16 Nov 2022 05:34 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Amit Mandal Updated Wed, 16 Nov 2022 05:34 PM IST
सार

सेना प्रमुख की नियुक्ति अन्य देशों के लिए एक नियमित मामला हो सकता है, लेकिन पाकिस्तान में सेना प्रमुख को मिली शक्तियों के कारण यह पद बहुत अहम हो जाता है। 

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Pak government seek constitutional amendment to empower PM to retain army chief with just a notification
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ - फोटो : Facebook : @ShehbazSharif

विस्तार

पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की सेवानिवृत्ति में दो सप्ताह से भी कम समय बचा है। बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार 1952 के एक अधिनियम में संशोधन करने की कोशिश में है, ताकि सेना प्रमुख की नियुक्ति पर अधिक अधिकार मिल सकें। वर्तमान सेना प्रमुख जनरल बाजवा छह साल की सेवा के बाद 29 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे, जिसमें उनके कार्यकाल में एक विस्तार शामिल है। डॉन अखबार ने बताया कि पाकिस्तानी सेना अधिनियम (पीएए) 1952 के संशोधन से प्रधानमंत्री को एक जटिल संवैधानिक प्रक्रिया के बजाय एक साधारण अधिसूचना के साथ मौजूदा सेना प्रमुख को बनाए रखने का अधिकार होगा, जिसके लिए राष्ट्रपति की सहमति भी आवश्यक है।

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मौजूदा कानून के मुताबिक सरकार को रक्षा मंत्रालय के नोट के माध्यम से सेना प्रमुख को नियुक्त करने या कार्यकाल को फिर से बढ़ाने के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होता है। इसके बाद नियुक्ति को प्रधानमंत्री की मंजूरी और राष्ट्रपति से अंतिम मंजूरी मिलती है। 
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पाकिस्तान में सेना प्रमुख का पद बेहद शक्तिशाली 
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्तावित बदलावों को पिछले महीने रक्षा मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया था और विधायी मामलों के निपटान के लिए कैबिनेट समिति (सीसीएलसी) की 11 नवंबर की बैठक में रखा जाना था, लेकिन अज्ञात कारणों से रद्द कर दिया गया था। लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे अगले सेना प्रमुख बनने की दौड़ में थे, जनरल बाजवा का कार्यकाल समाप्त होने से कुछ दिन पहले सेवानिवृत्त होने वाले हैं। सेना प्रमुख की नियुक्ति अन्य देशों के लिए एक नियमित मामला हो सकता है, लेकिन पाकिस्तान में सेना प्रमुख को मिली शक्तियों के कारण यह पद बहुत अहम हो जाता है। 
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नए सेना प्रमुख की नियुक्ति को लेकर अटकलों का दौर जोरों पर है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की हाल की लंदन यात्रा जहां उन्होंने अपने बड़े भाई नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज से मुलाकात की, जिसने अटकलों को और बढ़ा दिया। अपदस्थ प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान ने शहबाज और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सुप्रीमो नवाज की खिंचाई की थी और सवाल किया था कि नए सेना प्रमुख की नियुक्ति पर प्रधानमंत्री किसी दोषी के साथ परामर्श कैसे कर सकते हैं। 

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