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पाकिस्तान: नवाज शरीफ को 37 साल पुराने मामले में राहत, इन कानूनों में बदलाव के बाद बरी करने को मजबूर हुई अदालत

Sat, 24 Jun 2023 10:32 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 24 Jun 2023 10:32 PM IST
सार

Pakistan: पाकिस्तान की एक अदालत ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उन्हें 37 साल पुराने एक रिश्वत मामले में बरी किया है।

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Pak Court acquits former Prime Minister Nawaz Sharif in 37-year-old 'bribe' case
नवाज शरीफ

विस्तार

पाकिस्तान की एक अदालत ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उन्हें 37 साल पुराने एक रिश्वत के मामले में बरी किया है। मामला देश के एक प्रमुख मीडिया हाउस के मालिक को रिश्वत के रूप में कीमती सरकारी जमीन हस्तांतरित करने सें जुड़ा है। 

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अदालत ने यह फैसला तब सुनाया है जब कुछ दिनों पहले उनके छोटे भाई प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने राजनेताओं पर लगे आजीवन प्रतिबंध को हटाने के लिए कानूनों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। 

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नवाज शरीफ को 2017 में सर्वोच्च न्यायालय ने अयोग्य करार दिया था। 2018 में पनामा पेपर्स मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद वह आजीवन सार्वजनिक पद धारण करने के लिए अयोग्य हो गए थे। 

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अदालत के एक अधिकारी ने बताया, 'लाहौर की एक जवाबदेही अदालत ने तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ को 37 साल पहले पंजाब का मुख्यमंत्री रहने के दौरान लाहौर में जंग/जियो मीडिया समूह के मालिक मीर शकील-उर-रहमान को 54 कनाल (6.7 एकड़) कीमती राज्य भूमि के अवैध हस्तांतरण से संबंधित मामले में बरी कर दिया।'

अधिकारी ने कहा, 'न्यायाधीश राव अब्दुल जब्बार ने उन्हें तब बरी कर दिया जब देश की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था (राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो) ने अदालत को बताया कि उसके कानून में हाल के संशोधनों (शहबाज शरीफ नीत गठबंधन सरकार द्वारा) के बाद यह मामला उसके दायरे में नहीं आता।' अदालत इस मामले में मीर शकील-उर-रहमान को पहले ही बरी कर चुकी है।

राष्ट्रीय जवाबेदी ब्यूरो (एनएबी) के पहले आरोपपत्र में नवाज शरीफ पर अपने पद का दुरुपयोग करने और एक ही ब्लॉक में एक-एक कनाल के 54 कीमती भूखंडों में छूट को मंजूरी देकर रहमान को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया था। यह फार्म लाहौर के एमए जौहर टाउन के नहर तट पर एच-ब्लॉक के रूप में स्थित है। 

सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सर्वोच्च नेता नवाज शरीफ नवंबर 2019 से ब्रिटेन में निर्वासन में रह रहे हैं। लंदन रवाना होने से पहले नवाज शरीफ अल-अजीजिया मिल्स भ्रष्टाचार मामले में सात साल की जेल की सजा काट रहे थे। लाहौर उच्च न्यायालय ने चिकित्सा आधार पर जमानत दी थी। 
 

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख और अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान आरोप लगाते रहे हैं कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने शरीफ को जेल से भगाने की पैंतरेबाजी की थी और बाद में उनके साथ एक समझौता किया था। वहीं, पीएमएल-एन का कहना है कि आम चुनाव की तारीख की घोषणा होने के बाद उसके सर्वोच्च नेता पाकिस्तान लौट आएंगे। मौजूदा सरकार का कार्यकाल 13 अगस्त को समाप्त होने के बाद अक्टूबर में देश में चुनाव होने हैं।

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