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लाहौर विस्फोट में आत्मघाती हमलावर की हुई पहचान, अफगानिस्तान का था नागरिक
Tue, 21 May 2019 10:03 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Tue, 21 May 2019 10:03 PM IST
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लाहौर स्थित दाता दरबार
- फोटो : विकीपीडिया
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पाकिस्तानी अधिकारियों ने मंगलवार को एक अफगान नागरिक की आत्मघाती हमलावर के तौर पर पहचान की, जिसने 8 मई को लाहौर में एक सूफी तीर्थस्थल के बाहर धमाका किया था। इस धमाके में पांच पुलिस कर्मियों समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी।
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पुलिस ने बताया कि आत्मघाती हमलावर सादिकउल्ला मोमंद 6 मई को तोरकम क्षेत्र से होकर पाकिस्तान आया था। यहां उसने अली हाजवारी या दाता दरबार पर पुलिस वैन के पास खुद को उड़ा लिया था। पुलिस ने मोहसिन खान नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने का भी दावा किया है, जो इस आतंकी हमले का मुख्य सूत्रधार है।
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इस धमाके में पांच पुलिस कर्मियों समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी। दाता दरबार दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सूफी तीर्थस्थल है। सीसीटीवी फुटेज में एक किशोर लड़के को देखा गया था जिसने काली शलवार कमीज और आत्मघाती जैकेट पहन रखी थी। फुटेज में उसे खुद को उड़ाने से पहले पुलिस वैन के पास आते देखा गया।
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पुलिस ने यह भी बताया कि कि तीर्थस्थल पर किशोर आत्मघाती हमलावरों को भेजने की जिम्मेदारी हिजबुल अहरार ने ली है। पंजाब के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) ने गाजी फोर्स और जमातुल अहरार समेत तीन आतंकी संगठनों के रिकॉर्ड की जांच की है। हिजबुल अहरार, जमातुल अहरार से ही अलह बना एक संगठन है। इसे मुकर्रम शाह अफगानिस्तान से संचालित करता है। आंतरिक मतभेदों की वजह से यह जमातुल अहरार से अलग हो गया था।
पुलिस ने कहा कि धमाके का सूत्रधार मोहसिन खान धमाके से कुछ सप्ताह पहले लाहौर चला गया था। वहां उसने भाटी गेट पर किराए पर एक घर लिया। यह सूफी तीर्थस्थल के पास का एक आवासीय इलाका है। उसने 6 मई को आत्मघाती हमलावर मोमंद को रिसीव किया और 8 मई को उसे निशाने पर ले गया। मामले में एक और संदिग्ध की तैयबुल्लाह के तौर पर पहचान की गई है।