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Taliban Ban: ओआईसी ने कहा- अफगानिस्तान में NGO के लिए काम करने वाली महिलाओं पर तालिबान का प्रतिबंध 'आत्मघाती'

Tue, 27 Dec 2022 01:27 AM IST
देव कश्यप एएनआई, जेद्दाह।
एएनआई, जेद्दाह। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 27 Dec 2022 01:27 AM IST
सार

ओआईसी के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा ने कथित प्रतिबंध पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह निर्णय तालिबान द्वारा अफगान महिलाओं के अधिकारों को और प्रभावित करने के लिए जानबूझकर बनाई गई नीति को दर्शाता है।

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Organization of Islamic Cooperation says Taliban ban on women working for NGOs in Afghanistan self-defeating
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI

विस्तार

इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने तालिबान प्रशासन द्वारा स्थानीय और विदेशी गैर-सरकारी संगठनों (NGO) में महिलाओं के काम करने पर प्रतिबंध लगाने के फैसले को 'आत्मघाती' बताया है।ओआईसी के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा (Hissein Brahim Taha) ने रविवार को अफगानिस्तान में सभी स्थानीय और विदेशी गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) में महिलाओं के काम करने पर प्रतिबंध लगाने के तालिबान के आदेश पर गंभीर चिंता व्यक्त की। ओआईसी द्वारा पोस्ट किए गए ट्वीट के अनुसार, ताहा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एनजीओ के लिए महिलाओं के काम पर प्रतिबंध को 'आत्मघाती' और 'अफगान लोगों के हितों का नुकसान' बताया।

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ओआईसी के महासचिव ने तालिबान से फैसले की समीक्षा का किया आग्रह
ओआईसी ने एक ट्वीट में कहा कि ओआईसी के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा ने कथित प्रतिबंध पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। क्योंकि कुछ दिनों पहले अफगान महिलाओं और लड़कियों के विश्वविद्यालयों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के बाद यह फैसला एक और मुश्किल लेकर आया है। लगातार कई ट्वीट्स कर ओआईसी के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा ने जोर देकर कहा कि यह निर्णय तालिबान द्वारा अफगान महिलाओं के अधिकारों को और प्रभावित करने के लिए जानबूझकर बनाई गई नीति को दर्शाता है। ताहा ने तालिबान से आग्रह किया कि वह महिलाओं के सामाजिक समावेशन और अफगानिस्तान में मानवीय कार्यों की अबाधित निरंतरता के लिए अपने फैसले की समीक्षा करे।
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एक अन्य ट्वीट में ओआईसी ने कहा कि महामहिम ताहा ने संकेत दिया कि यह कदम वास्तव में अफगान महिलाओं के अधिकारों को और अधिक प्रभावित करने के लिए तालिबान नेतृत्व द्वारा एक जानबूझकर बनाई गई नीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह हैरान करने वाला फैसला न केवल अफगान महिलाओं को आजीविका के स्रोत से वंचित करेगा, बल्कि यह कमजोर अफगान समुदायों के पक्ष में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों के एक व्यापक नेटवर्क द्वारा चलाए जा रहे मानवतावादी और राहत कार्यों को भी गंभीर रूप से प्रभावित करेगा।
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ओआईसी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि ओआईसी के महासचिव ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एनजीओ के लिए महिलाओं के काम पर प्रतिबंध को 'आत्मघाती' और अफगान लोगों के हितों की रक्षा के रूप में गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सामाजिक समावेशन और अफगानिस्तान में बेहद जरूरी अंतरराष्ट्रीय मानवीय सुरक्षा की अबाधित निरंतरता के लिए इस फैसले पर फिर से विचार करने के लिए तालिबान अधिकारियों से सख्ती से आह्वान करते हैं।


इससे पहले कतर ने भी महिला कर्मचारियों को गैर-सरकारी संगठनों के साथ काम करने से प्रतिबंधित करने के तालिबान के फैसले पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। कतर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में तालिबान से एनजीओ में महिलाओं को उनके लिए उपलब्ध नौकरियों में काम करने की अनुमति देने के लिए अपने फैसले की समीक्षा करने का आह्वान किया था।

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