Absolute Resolve: 'वेनेजुएला के लिए उड़े थे 150 विमान, एक क्षतिग्रस्त', US जनरल ने बताया कैसे दबोचे गए मादुरो
Operation Aboslute Resolve: अमेरिका की तरफ से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को बंधक बना लिया गया है। अमेरिकी शीर्ष सैन्य अधिकारी जनरल डैन केन बताया कि अमेरिका के इस ऑपरेशन में 150 विमान शामिल हुए थे। इस कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी आत्मसमर्पण कर दिया।
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वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए अमेरिका की तरफ से ऑपरेशन ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ चलाया गया था। अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारी जनरल डैन केन ने मीडिया को बताया कि इस ऑपरेशन में 150 से अधिक विमान शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद जटिल और योजनाबद्ध सैन्य अभियान था, जिसकी तैयारी कई महीनों से चल रही थी।
#WATCH | USA: General Dan Raizin Caine, Chairman of the Joint Chiefs of Staff, says, "At 10: 46 p.m. Eastern time last night, the president ordered the United States military to move forward with this mission... In total, more than 150 aircraft, bombers, fighters, intelligence,… pic.twitter.com/D556wfRvYI
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— ANI (@ANI) January 3, 2026
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'बी-1 बॉम्बर समेत ये विमान ऑपरेशन में शामिल'
जनरल केन के मुताबिक, इस ऑपरेशन में एफ-22, एफ-35, एफ-18, ईए-18, ई-2, बी-1 बॉम्बर, सहायक विमान और कई ड्रोन शामिल थे। ये सभी विमान पश्चिमी गोलार्ध में अलग-अलग जगहों से उड़ान भरकर आपस में तालमेल के साथ आगे बढ़े।
कैसे चलाया गया ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व?
उन्होंने बताया कि अमेरिकी बल रात 1:01 बजे (ईस्टर्न टाइम) मादुरो के ठिकाने पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेर लिया गया ताकि जमीनी बलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस दौरान हेलिकॉप्टरों पर गोलीबारी भी हुई, लेकिन अमेरिकी बलों ने पूरी ताकत से जवाब दिया। एक विमान को नुकसान पहुंचा, हालांकि सभी अमेरिकी विमान सुरक्षित लौट आए।
'पकड़े जाने से पहले मादुरो ने किया था आत्मसमर्पण'
जनरल केन ने कहा कि ऑपरेशन में 'पूरी तरह से सरप्राइज' बनाए रखा गया और वेनेजुएला की वायु रक्षा प्रणालियों को पहले ही निष्क्रिय कर दिया गया था। बाद में मादुरो और उनकी पत्नी ने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद उन्हें न्याय विभाग की हिरासत में लिया गया और 03:29 बजे दोनों को यूएसएस इवो जिमा पर ले जाया गया। जनरल केन ने यह भी कहा कि भविष्य में अगर जरूरत पड़ी, तो अमेरिका इस तरह के मिशन के लिए फिर तैयार रहेगा।
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क्या है यूएसएस इवो जिमा और नाम क्यों पड़ा?
यूएसएस इवो जिमा अमेरिका की नौसेना का एक विशाल युद्धपोत है। इसे खास तौर पर समुद्र के रास्ते सैनिकों, हेलिकॉप्टरों और लड़ाकू विमानों के साथ सैन्य अभियान चलाने के लिए बनाया गया है। यह एक तरह का चलता-फिरता सैन्य अड्डा होता है, इसमें मरीन कमांडो, हथियार, वाहन और मेडिकल सुविधा मौजूद रहती है, इस पर हेलिकॉप्टर और एफ-35बी जैसे लड़ाकू विमान उतर और उड़ान भर सकते हैं। इस जहाज का नाम इवो जिमा पर हुए द्वितीय विश्व युद्ध के प्रसिद्ध युद्ध से लिया गया है, जो अमेरिकी सैन्य इतिहास में बहुत अहम माना जाता है।
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