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बांग्लादेश में पावर प्लांट निर्माण स्थल पर मजदूरों के बीच टकराव, एक चीनी मजदूर की मौत
Wed, 19 Jun 2019 04:36 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Wed, 19 Jun 2019 04:36 PM IST
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बांग्लादेशी पुलिस (फाइल फोटो)
- फोटो : ढाका ट्रिब्यून
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बांग्लादेश की राजधानी ढाका के दक्षिण में बन रहे पावर प्लांट निर्माण स्थल पर सैकड़ों बांग्लादेशी और चीनी मजदूर आपस में भिड़ गए। पुलिस ने बताया कि इस टकराव में एक चीनी मजदूर की मौत हो गई, वहीं एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। स्थिति पर काबू पाने के लिए करीब 1000 पुलिस कर्मियों को मौके पर भेजा गया था।
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पुलिस ने बताया कि यह हिंसा चीन द्वारा वित्त पोषित और राजधानी ढाका से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित पावर प्लांट निर्माण स्थल पर 1320 मोगावाट के प्लांट के निर्माण स्थल पर एक बांग्लादेशी मजदूर की मौत की वजह से हुई। स्थानीय लोगों ने चीनी नागरिकों पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। हिंसा में घायल हुए लोगों में छह चीनी भी शामिल थे, इनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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चीन बांग्लादेश का नजदीकी सहयोगी है और चीन की सरकारी और निजी कई कंपनियों ने दक्षिण एशियाई देश के कई प्रोजेक्ट्स में करोड़ों डॉलर का निवेश किया है। यह निवेश ज्यादातर पावर, ऊर्जा और परिवहन के क्षेत्र में किए गए हैं। बांग्लादेश समेत ऐसे अन्य देशों में जहां चीन ने बड़ा निवेश किया है, चीनी मजदूरों की बड़ी संख्या से स्थानीय निवासियों के बीच तनाव बढ़ा है। एक साल पहले भी ऐसा ही टकराव देखने को मिला था।
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पुलिस का कहना है कि पावर प्लांट निर्माण स्थल पर कुल 6000 लोग काम करते हैं। इनमें से 2000 चीन के हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक राम चंद्र दास ने बताया कि अधिकारियों ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और अब स्थिति शांत है।
इससे पहले अप्रैल 2016 में दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश में चीन की सहायता से बन रहे दो पावर प्लांट के निर्माण के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों को शांत करने के लिए पुलिस ने उनपर गोलियां बरसाई थीं। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इसी साल अक्तूबर में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बांग्लादेश की एतिहासिक यात्रा की थी। दोनों देशों ने 200 करोड़ डॉलर कीमत के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।