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मनुष्य ने हिमालय तक पहुंचने से पहले ही ग्लेशियरों को किया दूषित, अध्ययन में हुआ दावा
Tue, 11 Feb 2020 03:25 PM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 11 Feb 2020 03:25 PM IST
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ग्लेशियर
- फोटो : Twitter
मानवीय गतिविधियों ने मध्य हिमालय क्षेत्र की सबसे ऊंची चोटियों में से एक को किसी व्यक्ति के वहां कदम रखने से सैकड़ों वर्षों पहले ही संभवत: दूषित कर दिया था। हाल ही में हुए एक नए अध्ययन में ऐसा दावा किया गया है।
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इस अध्ययन में दर्शाया गया कि 18वीं सदी के अंत में यूरोप में कोयला जलाने के कारण बने अन्य उत्पाद औद्योगिक क्रांति का उद्गमस्थल माने जाने वाले लंदन से करीब 10,300 किलोमीटर दूर दासोओपू ग्लेशियर तक पहुंच गए।
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अमेरिका की ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के पाइलो गैब्रियेली ने कहा कि औद्योगिक क्रांति ऊर्जा के प्रयोग में एक क्रांति थी। उन्होंने कहा कि कोयला जलाने के इस्तेमाल से ऐसे उत्सर्जन हुए जिनके बारे में हमारा मानना है कि वे हवाओं के जरिए हिमालय तक पहुंचे।
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यह अनुसंधान टीम एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय टीम का हिस्सा है जिसने 1997 में दासोओपू की यात्रा कर ग्लेशियर से बर्फ का भीतरी भाग एकत्रित किया था। अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि समुद्र तल से 7,200 मीटर ऊपर स्थित दासोओपू विश्व का सबसे ऊंचा स्थल है जहां वैज्ञानिकों ने बर्फ के भीतरी भाग से जलवायु का रिकॉर्ड प्राप्त किया है।
टीम ने 23 धातुओं का पता लगाने के लिए 1997 में दासोओपू से लिए गए एक भाग का आकलन किया। अनुसंधानकर्ताओं को इस बर्फ में कैडमियम, क्रोमियम, निकल और जिंक समेत जहरीली धातुओं का पता चला जिनकी मात्रा प्राकृतिक स्तर से ज्यादा थी। यह अध्ययन ‘पीएनएएस’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।