North Korea: उत्तर कोरिया की गीदड़भभकी; तानाशाह किम जोंग ने नई हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली को लेकर दी यह चेतावनी
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग ने नई हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली को आत्मरक्षा का एक कदम बताया न कि आक्रामक कार्रवाई। उन्होंने कहा कि यह मिसाइल प्रणाली प्रशांत क्षेत्र में देश के प्रतिद्वंद्वियों को रोकने में मदद करेगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता तानाशाह किम जोंग उन हमेशा से ही अपने गीदड़भभकी के लिए सुर्खियों में रहे है। जहां एक बार फिर उन्होंने नई हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यह मिसाइल प्रणाली प्रशांत क्षेत्र में देश के प्रतिद्वंद्वियों को रोकने में मदद करेगी। किम ने समाचार एजेंसी केसीएनए से कहा कि यह मिसाइल प्रणाली किसी भी प्रतिद्वंदी को मज़बूती से रोकने में सक्षम है जो हमारे देश की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।
बता दें कि यह परीक्षण तब हुआ जब अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन दक्षिण कोरिया का दौरा कर रहे थे, जो उत्तर कोरिया का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी है। किम ने बताया कि इस मिसाइल ने 1,500 किलोमीटर (930 मील) की दूरी तय की और पानी में गिरने से पहले ध्वनि की गति से 12 गुना ज्यादा तेजी से यात्रा की।
किम ने इसे बताया आत्मरक्षा का एक कदम
किम ने इसे आत्मरक्षा का एक कदम बताया न कि आक्रामक कार्रवाई। उन्होंने कहा कि इस मिसाइल प्रणाली का प्रदर्शन दुनिया से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह किसी भी सघन रक्षात्मक अवरोध को तोड़ते हुए प्रतिद्वंद्वी पर गंभीर हमला कर सकता है।
साथ ही किम ने आगे कहा कि उत्तर कोरिया की रक्षा क्षमताओं का विकास तेज़ी से जारी रहेगा, ताकि देश सैन्य शक्ति बन सके। अमेरिका के विदेश मंत्री ब्लिंकन और दक्षिण कोरिया के मंत्री चो ताए-युल ने इस परीक्षण की निंदा की, और इसे जापान के साथ तीन-तरफा गठबंधन को मजबूत करने के महत्व को बताया।
ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद पहला परिक्षण
गौरतलब है कि यह परीक्षण उत्तर कोरिया का पहला परीक्षण था जब से डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में अमेरिका का चुनाव जीता था। इससे पहले नवंबर में उत्तर कोरिया ने अपनी सबसे उन्नत अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का परीक्षण किया था।