उ. कोरिया ने परमाणु वार्ता के लिए रखी सुरक्षा गारंटी की पूर्व शर्त, किम जोंग ने ट्रंप को दिया न्योता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर कोरिया ने अधर में लटकी परमाणु वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका के सामने सुरक्षा गारंटी की पूर्व शर्त रख दी है। इस शर्त के चलते आगामी सप्ताह में कामकाजी स्तर की संभावित वार्ता में प्रगति की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। उत्तर कोरिया ने कहा है कि वार्ता तब की जाएगी जब हमारे सभी संदेहों को दूर किया जाएगा।
बता दें कि ट्रंप और किम जोंग के बीच फरवरी में बेनतीजा खत्म हुई समझौता वार्ता के बाद से ही निरस्त्रीकरण पर बातचीत रुकी हुई है। उत्तर व दक्षिण कोरिया के सैन्य रहित क्षेत्र में अचानक हुई बैठक के दौरान दोनों नेता कामकाजी स्तर की वार्ता आरंभ करने पर सहमत हुए थे और प्योंगयोंग ने इस बाबत प्रस्ताव भी रखा जिसे अमेरिका ने उत्साहजनक बताया। लेकिन, कुछ घंटे बाद ही प्योंगयोंग ने दोबारा हथियार परीक्षण किया।
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि निरस्त्रीकरण की चर्चा तब संभव हो पाएगी जब हमारी सुरक्षा के खतरों और प्रगति की राह के अवरोधकों को लेकर सभी संदेहों को दूर किया जाएगा। उत्तर कोरिया हमेशा जोर देता रहा है कि किसी भी समझौते के अंतर्गत सुरक्षा गारंटी जरूरी होगी, लेकिन उसने आम तौर पर वार्ता में इसे महत्वपूर्ण बिंदु नहीं बनाया है।
ट्रंप को प्योंगयांग का न्योता दे चुके हैं किम जोंग-उन
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने अगस्त में एक पत्र भेजकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्योंगयांग आने का न्योता दिया था। दक्षिण कोरिया के एक अखबार ‘जोयोंग इल्बो’ ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में राजनयिक सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि किम जोंग ने अगस्त के तीसरे सप्ताह में लिखे इस पत्र में ट्रंप से परमाणु को लेकर वार्ता आगे बढ़ाने की बात भी कही थी।