{"_id":"660d2c37977e051d650bffa8","slug":"north-korea-kim-jong-is-preparing-for-a-big-war-analysts-claim-continued-nuclear-testing-is-part-of-2024-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तर कोरिया: क्या किम जोंग कर रहे बड़े युद्ध की तैयारी? लगातार परमाणु परीक्षण से बढ़ी आशंका; जानें सब कुछ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
उत्तर कोरिया: क्या किम जोंग कर रहे बड़े युद्ध की तैयारी? लगातार परमाणु परीक्षण से बढ़ी आशंका; जानें सब कुछ
Wed, 03 Apr 2024 03:48 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, प्योंगयांग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, प्योंगयांग
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Wed, 03 Apr 2024 03:48 PM IST
सार
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग एक बड़े युद्ध की तैयारी कर रहे है। लगातार परमाणु मिसाइलों का परीक्षण एक उदाहरण है। आशंका जताई जा रही है कि 10 अप्रैल को दक्षिण कोरिया के चुनावों में इसकी एक झलक देखने को मिल सकती है।
विज्ञापन
किम जोंग (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग अक्सर अपनी धमकियों और परमाणु मिसाइलों के परीक्षण के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं। इस बीच, कुछ विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि पिछले कुछ महीनों में किम जोंग वास्तविक युद्ध की तैयारी को लेकर जुट चुके हैं। पिछले 13 वर्षों में किम जोंग ज्यादा आक्रामक रूख अपनाते हुए सीमाओं पर परीक्षण कर रहे हैं। अपने देश की परमाणु क्षमताओं और मिसाइल कार्यक्रम में तेजी से प्रगति से समर्थित, तानाशाह किम ने 2024 की शुरुआत में ही उत्तर कोरिया के संविधान से शांतिपूर्ण एकीकरण के लक्ष्य को हटाकर यह साबित कर दिया है कि उत्तर कोरिया ने मंशा कुछ ओर ही है।
किम जोंग कर सकते हैं दक्षिण कोरिया पर हमला
दावा किया जा रहा है कि किम 10 अप्रैल को दक्षिण कोरिया चुनावों से पहले इसकी हल्की झलक दिखा सकते हैं। प्रमुख विश्लेषकों का दावा है कि किम अब कुच बड़ा करने के मूड में हैं। हालांकि ज्यादातर कोरिया युद्ध परिदृश्यों में किम जोंग को विनाश का सामना करना पड़ता है।
अपने दादा की तरह आक्रामक हैं किम जोंग- हेकर
पूर्व सीआईए अधिकारी रॉबर्ट कार्लिन और परमाणु वैज्ञानिक सिगफ्रीड हेकर ने 2024 की शुरुआत में लिखा था कि 1950 में अपने दादा की तरह, किम जोंग उन ने युद्ध में जाने का रणनीतिक निर्णय लिया है, जो उत्तर कोरिया पर केंद्रित है। उन्होंने यह अनुमान नहीं लगाया कि यह कितनी जल्दी हो सकता है।
विज्ञापन
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने जनवरी में कहा था कि सभी अटकलों पर सियोल की प्रतिक्रिया स्पष्ट रही है। अगर किम युद्ध की शुरुआत करते हैं, तो निश्चित ही उत्तर कोरिया का वजूद दुनिया के नक्शे से पूरी तरह मिट जाएगा।
जानें कैसे शुरू हुआ बवाल
1950 में, उत्तर कोरियाई सैनिकों ने दक्षिण कोरिया पर आक्रमण किया, जिससे अमेरिका सतर्क हो गया। किम इल सुंग - किम जोंग उन के दादा - की सेनाओं ने अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेनाओं के पलटवार से पहले प्रायद्वीप के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया। चीन के हस्तक्षेप के कारण गतिरोध उत्पन्न हुआ जिसके परिणामस्वरूप युद्धविराम हुआ लेकिन कोई औपचारिक शांति संधि नहीं हुई और तब से कोरियाई प्रायद्वीप लगभग 38वें समानांतर पर विभाजित है।
विज्ञापन
किम जोंग कर सकते हैं दक्षिण कोरिया पर हमला
दावा किया जा रहा है कि किम 10 अप्रैल को दक्षिण कोरिया चुनावों से पहले इसकी हल्की झलक दिखा सकते हैं। प्रमुख विश्लेषकों का दावा है कि किम अब कुच बड़ा करने के मूड में हैं। हालांकि ज्यादातर कोरिया युद्ध परिदृश्यों में किम जोंग को विनाश का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
अपने दादा की तरह आक्रामक हैं किम जोंग- हेकर
पूर्व सीआईए अधिकारी रॉबर्ट कार्लिन और परमाणु वैज्ञानिक सिगफ्रीड हेकर ने 2024 की शुरुआत में लिखा था कि 1950 में अपने दादा की तरह, किम जोंग उन ने युद्ध में जाने का रणनीतिक निर्णय लिया है, जो उत्तर कोरिया पर केंद्रित है। उन्होंने यह अनुमान नहीं लगाया कि यह कितनी जल्दी हो सकता है।
विज्ञापन
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने जनवरी में कहा था कि सभी अटकलों पर सियोल की प्रतिक्रिया स्पष्ट रही है। अगर किम युद्ध की शुरुआत करते हैं, तो निश्चित ही उत्तर कोरिया का वजूद दुनिया के नक्शे से पूरी तरह मिट जाएगा।
जानें कैसे शुरू हुआ बवाल
1950 में, उत्तर कोरियाई सैनिकों ने दक्षिण कोरिया पर आक्रमण किया, जिससे अमेरिका सतर्क हो गया। किम इल सुंग - किम जोंग उन के दादा - की सेनाओं ने अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेनाओं के पलटवार से पहले प्रायद्वीप के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया। चीन के हस्तक्षेप के कारण गतिरोध उत्पन्न हुआ जिसके परिणामस्वरूप युद्धविराम हुआ लेकिन कोई औपचारिक शांति संधि नहीं हुई और तब से कोरियाई प्रायद्वीप लगभग 38वें समानांतर पर विभाजित है।