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North Korea: उत्तर कोरिया ने स्वीकारी रूस की मदद के लिए सैनिक भेजने की बात, और जवान भेजने पर कर रहा विचार
Mon, 28 Apr 2025 12:21 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्योंगयांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्योंगयांग
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:21 PM IST
सार
फरवरी में दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने दावा किया था कि उत्तर कोरिया रूस की मदद के लिए अपने और सैनिक भेजने की योजना पर विचार कर रहा है। हालांकि उसके द्वारा भेजे गए सैनिकों को मोर्चे पर खासा नुकसान उठाना पड़ा है।
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उत्तर कोरिया के तानाशाह
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
उत्तर कोरिया ने सोमवार को पहली बार ये स्वीकारा कि उसने यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में रूस की मदद के लिए अपने सैनिक भेजे थे। गौरतलब है कि यूक्रेन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने ये दावा किया था कि उत्तर कोरिया ने रूस की मदद के लिए अपने करीब 10 हजार सैनिक भेजे हैं, जिन्होंने मोर्चे पर रूस की तरफ से लड़ाई लड़ी थी। इसे लेकर खूब हंगामा हुआ, लेकिन उत्तर कोरिया की तरफ से अभी तक ये बात स्वीकार नहीं की गई थी। अब पहली बार उत्तर कोरिया ने यह स्वीकार किया है।
उत्तर कोरिया ने बयान जारी किया
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के हवाले से एक बयान जारी कर बताया कि 'सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने रूस के साथ साझा रक्षा संधि के तहत अपने सैनिक भेजने का फैसला किया। इस फैसले का उद्देश्य यूक्रेन के नव-नाजी कब्जेदारों को तबाह करना और रूसी सशस्त्र बलों की मदद से कुर्स्क क्षेत्र को आजाद कराना था। उत्तर कोरिया के सैनिक न्याय के लिए लड़े और वे हमारे नायक हैं, जिन्होंने अपनी मातृभूमि के सम्मान का प्रतिनिधित्व किया।'
उत्तर कोरिया की स्वीकारोक्ति के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी उत्तर कोरियाई सैनिकों को धन्यवाद दिया है। क्रेमलिन ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि 'राष्ट्रपति पुतिन ने उत्तर कोरिया के उन सैनिकों के नायकत्व, उनके समर्पण और उच्च स्तर की स्पेशल ट्रेनिंग की तारीफ की, जो रूस के सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े और मातृभूमि की सुरक्षा की।'
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मोर्चे पर उत्तर कोरिया को हुआ है भारी नुकसान
उल्लेखनीय है कि फरवरी में दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने दावा किया था कि उत्तर कोरिया रूस की मदद के लिए अपने और सैनिक भेजने की योजना पर विचार कर रहा है। हालांकि उसके द्वारा भेजे गए सैनिकों को मोर्चे पर खासा नुकसान उठाना पड़ा है। जनवरी में एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि मोर्चे पर 300 उत्तर कोरियाई सैनिक मारे गए हैं और 2700 अन्य घायल हैं। इससे पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया कि उत्तर कोरिया के युद्ध में मारे गए या घायल जवानों की संख्या 4000 हो सकती है। हालांकि अमेरिका ने अनुमान जताया कि यह संख्या 1200 या इससे कम हो सकती है।
ये भी पढ़ें- US: साउथ कैरोलिना के मर्टल बीच पर गोलीबारी, 11 लोग घायल; पुलिस ने एक व्यक्ति को गोली मारी
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उत्तर कोरिया ने बयान जारी किया
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के हवाले से एक बयान जारी कर बताया कि 'सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने रूस के साथ साझा रक्षा संधि के तहत अपने सैनिक भेजने का फैसला किया। इस फैसले का उद्देश्य यूक्रेन के नव-नाजी कब्जेदारों को तबाह करना और रूसी सशस्त्र बलों की मदद से कुर्स्क क्षेत्र को आजाद कराना था। उत्तर कोरिया के सैनिक न्याय के लिए लड़े और वे हमारे नायक हैं, जिन्होंने अपनी मातृभूमि के सम्मान का प्रतिनिधित्व किया।'
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उत्तर कोरिया की स्वीकारोक्ति के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी उत्तर कोरियाई सैनिकों को धन्यवाद दिया है। क्रेमलिन ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि 'राष्ट्रपति पुतिन ने उत्तर कोरिया के उन सैनिकों के नायकत्व, उनके समर्पण और उच्च स्तर की स्पेशल ट्रेनिंग की तारीफ की, जो रूस के सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े और मातृभूमि की सुरक्षा की।'
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मोर्चे पर उत्तर कोरिया को हुआ है भारी नुकसान
उल्लेखनीय है कि फरवरी में दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने दावा किया था कि उत्तर कोरिया रूस की मदद के लिए अपने और सैनिक भेजने की योजना पर विचार कर रहा है। हालांकि उसके द्वारा भेजे गए सैनिकों को मोर्चे पर खासा नुकसान उठाना पड़ा है। जनवरी में एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि मोर्चे पर 300 उत्तर कोरियाई सैनिक मारे गए हैं और 2700 अन्य घायल हैं। इससे पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया कि उत्तर कोरिया के युद्ध में मारे गए या घायल जवानों की संख्या 4000 हो सकती है। हालांकि अमेरिका ने अनुमान जताया कि यह संख्या 1200 या इससे कम हो सकती है।
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