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Economics Nobel Prize 2020 News: पॉल मिलग्रोम और रॉबर्ट विल्सन को अर्थशास्त्र का नोबेल

Mon, 12 Oct 2020 05:19 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 12 Oct 2020 05:19 PM IST
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Nobel Prize 2020 in Economic Sciences awarded to Paul R Milgrom and Robert B Wilson
अर्थशास्त्र नोबेल पुरस्कार 2020: पॉल आर मिलग्रोम और रॉबर्ट बी विल्सन - फोटो : twitter.com/NobelPrize

इस साल अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिया जाने वाला नोबेल पुरस्कार पॉल आर मिलग्रोम और रॉबर्ट बी विल्सन को दिया गया है। नोबेल पुरस्कार समिति ने सोमवार को इस साल के छठे और अंतिम पुरस्कार विजेताओं का एलान किया। मिलग्रोम और विल्सन को यह पुरस्कार ऑक्शन थ्योरी (नीलामी सिद्धांत) में सुधार और नीलामी के नए तरीकों का आविष्कार करने के लिए दिया गया है।

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पॉल आर मिलग्रोम और रॉबर्ट बी विल्सन, दोनों अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं। इन्होंने अध्ययन किया कि नीलामी की प्रक्रिया कैसे काम करती है। उन्होंने ऐसी वस्तुओं और सेवाओं के लिए (जैसे कि रेडियो फ्रीक्वेंसी) नए नीलामी प्रारूपों को तैयार किया, जिन्हें पारंपरिक तरीके से बेचना मुश्किल है। उनकी खोजों से दुनियाभर के विक्रेता, खरीदार और करदाताओं को लाभ पहुंचा है।

क्या है नीलामी सिद्धांत

नीलामी सिद्धांत या ऑक्शन थ्योरी (Auction Theory) का इस्तेमाल करते हुए, शोधकर्ता बोली लगाने और अंतिम कीमतों के लिए विभिन्न नियमों के परिणामों को समझने की कोशिश करते हैं। यह विश्लेषण मुश्किल है, क्योंकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर बोली लगाने वाले रणनीतिक व्यवहार करते हैं। वे दोनों पक्षों को ध्यान में रखते हैं कि वे खुद क्या जानते हैं और उनके हिसाब से अन्य बोली लगाने वाले क्या जानकारी रखते हैं।

विल्सन ने एक सामान्य मूल्य वाली वस्तुओं की नीलामी के लिए सिद्धांत विकसित किया। इसके अनुसार एक मूल्य जो पहले से अनिश्चित होता है लेकिन अंत में सभी के लिए समान रहता है। विल्सन ने अपने सिद्धांत के माध्यम से दिखाया कि तर्कसंगत बोली लगाने वाले क्यों अपने सामान्य मूल्य के अपने सर्वश्रेष्ठ अनुमान से नीचे बोलियां लगाते हैं। वे विजेता होने के नुकसान के बारे में चिंतित होते हैं। अर्थात, ज्यादा भुगतान करने और इससे होने वाले नुकसान की उन्हें चिता रहती है।

मिलग्रोम ने नीलामी का एक सामान्य सिद्धांत तैयार किया जो न केवल सामान्य मूल्यों की अनुमति देता है, बल्कि निजी मान भी रखता है। यह निजी मान बोली हर बोली लगाने वाले के लिए अलग-अलग होता है। उन्होंने कई प्रसिद्ध नीलामी प्रारूपों में बोली प्रक्रिया की रणनीतियों का विश्लेषण किया। जिससे पता चला कि बोली लगाने के दौरान जब लोगों को एक-दूसरे की अनुमानित कीमतों के बारे में अधिक जानकारी मिलती है तो एक प्रारूप से विक्रेता को उच्च अपेक्षित राजस्व मिलता है।

इन्हें मिला इस साल का नोबेल पुरस्कार

क्षेत्र विजेता
चिकित्सा हार्वी जे ऑल्टर, माइकल ह्यूटन और चार्ल्स एम राइस
फिजिक्स रोजर पेनरोज, रेनहार्ड गेंजेल और एंड्रिया गेज
केमिस्ट्री इमैनुएल कारपेंटियर और जेनिफर डूडना
शांति विश्व खाद्य कार्यक्रम
साहित्य लुइल ग्लक
अर्थशास्त्र पॉल मिलग्रोम और रॉबर्ट विल्सन
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