US-China Row: 'व्यापार युद्ध में कोई जीत नहीं सकता', 10 फीसदी टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले पर चीन की दो टूक
संयुक्त राष्ट्र में चीन ने कहा कि व्यापार युद्ध में कोई जीत नहीं सकता। बीजिंग जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत फू कांग ने कहा कि हम इस टैरिफ का विरोध करते हैं। यह विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का उल्लंघन है। हम विश्व व्यापार संगठन में शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
विस्तार
अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ को लेकर चीन ने एक बार फिर ट्रंप को जवाब दिया है। संयुक्त राष्ट्र में चीन ने कहा कि व्यापार युद्ध में कोई जीत नहीं सकता। बीजिंग जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत फू कांग ने कहा कि हम इस टैरिफ का विरोध करते हैं। यह विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का उल्लंघन है। हम विश्व व्यापार संगठन में शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभालने के बाद चीन के राजदूत ने कहा कि हम भी जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। अमेरिका को अपनी समस्याओं पर गौर करना चाहिए और उसका समाधान करना चाहिए। यह समाधान ऐसा हो जो अमेरिका के साथ ही पूरे विश्व के लिए लाभदायक हो। फू ने कहा कि मुझे नहीं लगता टैरिफ बढ़ाना अमेरिका के लिए फायदेमंद है। टैरिफ बढ़ाने का बहाना फेंटेनाइल है, जो पूरी तरह से गलत है।
उन्होंने कहा कि चीन में पहले से ही फेंटेनाइल और उससे जुड़े सभी पदार्थों पर कड़े नियम हैं। इस मुद्दे को अमेरिका को अपने नजरिये से देखने की जरूरत है। अमेरिका दूसरों पर दोष मढ़ने की बजाया फेंटेनाइल की मांग पर भी गौर करें। यह अमेरिका के लिए अच्छा होगा।
चीन करेगा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता
चीन 18 फरवरी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेगा। इसमें परिषद के सदस्य देशों के साथ गैर सदस्यों के विदेश मंत्रियों को भी बुलाया गया है। राजदूत फू ने कहा कि अगर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो बैठक में आते हैं तो उनकी चीनी विदेश मंत्री वांग यी से अच्छी मुलाकात होगी।
चीन और अमेरिका में काफी समानताएं
चीन और अमेरिका संबंधों को लेकर राजदूत फू कांग ने कहा कि अमेरिका और चीन में काफी समानताएं हैं। वे आपस में सहयोग कर सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र में मौजूद आतंकवाद विरोधी, मादक पदार्थ विरोधी, अप्रसार और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर चीन और अमेरिका के संयुक्त प्रयास की जरूरत है। चीन और अमेरिका संयुक्त राष्ट्र में वित्तीय योगदान देने वाले दो सबसे बड़े देश हैं। कई चीजें ऐसी हैं जिस पर चीन और अमेरिका मिलकर काम कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र में अपने काम के प्रति रचनात्मक और पेशेवर दृष्टिकोण अपना सकते हैं। इस समय बहुत कुछ दांव पर लगा है। अगर चीन और अमेरिका मिलकर काम करते हैं, तो मुझे यकीन है कि हम कई समस्याओं को हल कर पाएंगे और दुनिया को एक बेहतर जगह बना पाएंगे।