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Hindi News ›   World ›   Nirmala Sitharaman On India US Relations Can Be Friend Not Neighbor News In Hindi

'आप दोस्त बदल सकते हैं, पर पड़ोसी नहीं': अमेरिका में बोलीं वित्त मंत्री सीतारमण- हमें रखना ही पड़ेगा जांचा-परखा रुख

Sat, 23 Apr 2022 07:52 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 23 Apr 2022 07:52 AM IST
सार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आपका पड़ोस वही है जो आपके पास है। अगर अमेरिका एक दोस्त चाहता है, तो वह नहीं चाहेगा वह दोस्त कमजोर हो। इसलिए, हम निर्णय ले रहे हैं क्योंकि भौगोलिक स्थानों को देखते हुए हमें यह जानने की जरूरत है कि हम कहां हैं। 

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Nirmala Sitharaman On India US Relations Can Be Friend Not Neighbor News In Hindi
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी यात्रा पर चल रहीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को भारत के भूगोल के संदर्भ में वाशिंगटन-नई दिल्ली के बीच संबंधों को लेकर बड़ी बात कही। पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आप अपना पड़ोसी नहीं चुन सकते लेकिन आप अपना दोस्त चुन सकते हैं। आपका पड़ोस वही है जो आपके पास है। अगर अमेरिका एक दोस्त चाहता है, तो वह नहीं चाहेगा वह दोस्त कमजोर हो। इसलिए, हम निर्णय ले रहे हैं क्योंकि भौगोलिक स्थानों को देखते हुए हमें यह जानने की जरूरत है कि हम कहां हैं। बता दें कि सीतारमण यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक प्रतिबंधों का सामना कर रहे रूस से भारत द्वारा हथियारों और तेल की खरीद से जुड़े सवालों की पृष्ठभूमि में  जवाब दे रही थीं।

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हमें भौगोलिक स्थिति को समझना ही होगा: सीतारमण
समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा ट्वीट किए गए एक वीडियो में, 62 वर्षीय नेता, एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका के साथ संबंधों की हर बेहतरी के हम काम कर रहे। यह मान्यता है कि वहां एक दोस्त है लेकिन दोस्त की भी भौगोलिक स्थिति है और इसे हमें समझना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कारण से एक दोस्त को कमजोर नहीं किया जा सकता है। हमें भौगोलिक स्थिति को समझना ही होगा। उत्तरी सीमाएं तनाव में हैं। पश्चिमी सीमाओं पर भी समस्या है जहां कि अफगानिस्तान है।  ऐसा नहीं है कि भारत के पास स्थानांतरित करने का विकल्प है। 
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अमेरिका और रूस से संबंध पर भी दिया जवाब
सीतारमण ने कहा कि यह एक समझ है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ भारत के संबंध वास्तव में आगे बढ़ गए हैं। यह और गहरा हो गया है। इस पर कोई सवाल नहीं उठा रहा है। अगर आप कहेंगे कि हम रूस से संबंध सिर्फ हथियार खरीदने के लिए बनाए रखें हैं तो यह सही नहीं है। हमें यह समझना होगा कि भारत और रूस के बीच अच्छे संबंध दशकों से कई मुद्दों को लेकर है जिसे कि हम एक विरासत के रूप में मान सकते हैं। हमें इसे सकारात्मक तरीके से लेना चाहिए। यह एक नकारात्मक समझ नहीं है।

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