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सुनवाई के लिए वीडियो लिंक के जरिए भगोड़े नीरव मोदी की होगी पेशी
Thu, 17 Oct 2019 03:04 PM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 17 Oct 2019 03:04 PM IST
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नीरव मोदी
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भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में रिमांड की नियमित सुनवाई के लिए वीडियो लिंक के जरिए गुरुवार को पेश होगा।
करीब 13 हजार करोड़ (दो अरब डॉलर) के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी एवं धन शोधन के आरोप में नीरव मोदी को भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के मामले के संबंध में यह सुनवाई चल रही है।
उसे मई 2020 में प्रत्यर्पण मामले की पूर्ण सुनवाई होने तक न्यायिक हिरासत में रहना है और मुकदमे में अगले साल फरवरी में केस मैनेजमेंट सुनवाई शुरू किए जाने तक उसे पेशी के लिए बुलाए जाने’ पर नियमित रूप से आना होगा।
सितंबर में लंदन में मजिस्ट्रेट अदालत में हुई पिछली कॉल-ओवर सुनवाई में न्यायाधीश डेविड रॉबिनसन ने मोदी से कहा था कि इसमें कुछ भी ठोस नहीं है जिसे सुना जाए। अदालत 11 से 15 मई 2020 तक चलने वाली प्रत्यर्पण मुकदमे की सुनवाई पर काम कर रही है।
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इस संक्षिप्त सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों का एक दल मौजूद था। ब्रिटेन के कानून के तहत प्रत्यर्पण मुकदमा लंबित रहने तक हर 28 दिन में ऐसी सुनवाई करना जरूरी है।
नीरव मोदी मार्च में अपनी गिरफ्तारी के बाद से दक्षिण-पश्चिम लंदन के वैंड्सवर्थ जेल में बंद है।
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करीब 13 हजार करोड़ (दो अरब डॉलर) के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी एवं धन शोधन के आरोप में नीरव मोदी को भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के मामले के संबंध में यह सुनवाई चल रही है।
उसे मई 2020 में प्रत्यर्पण मामले की पूर्ण सुनवाई होने तक न्यायिक हिरासत में रहना है और मुकदमे में अगले साल फरवरी में केस मैनेजमेंट सुनवाई शुरू किए जाने तक उसे पेशी के लिए बुलाए जाने’ पर नियमित रूप से आना होगा।
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सितंबर में लंदन में मजिस्ट्रेट अदालत में हुई पिछली कॉल-ओवर सुनवाई में न्यायाधीश डेविड रॉबिनसन ने मोदी से कहा था कि इसमें कुछ भी ठोस नहीं है जिसे सुना जाए। अदालत 11 से 15 मई 2020 तक चलने वाली प्रत्यर्पण मुकदमे की सुनवाई पर काम कर रही है।
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इस संक्षिप्त सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों का एक दल मौजूद था। ब्रिटेन के कानून के तहत प्रत्यर्पण मुकदमा लंबित रहने तक हर 28 दिन में ऐसी सुनवाई करना जरूरी है।
नीरव मोदी मार्च में अपनी गिरफ्तारी के बाद से दक्षिण-पश्चिम लंदन के वैंड्सवर्थ जेल में बंद है।