इराक में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का हमला, एक दर्जन से ज्यादा मिसाइलें दागीं
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अमेरिका द्वारा ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या किए जाने के कुछ दिन बाद बुधवार को ईरान ने इराक में मौजूद अमेरिका के अल-असद एयरबेस पर कई रॉकेट हमले किए। पेंटागन के अनुसार उसके एयरबेस पर एक दर्जन से ज्यादा मिसाइलें दागी गई हैं। इस एयरबेस पर अमेरिका के साथ गठबंधन सेनाएं तैनात हैं। फिलहाल इस हमले में अमेरिका और गठबंधन सेनाओं को हुए किसी नुकसान की खबर नहीं मिली है। इसी बीच अमेरिका ने अपनी नागरिक उड़ानों को खाड़ी, इराक और ईरान में प्रतिबंधित कर दिया है।
#WATCH: Iran launched over a dozen ballistic missiles at 5:30 p.m. (EST) on January 7 and targeted at least two Iraqi military bases hosting US military and coalition personnel at Al-Assad and Irbil, in Iraq. pic.twitter.com/xQkf9lG6AP
— ANI (@ANI) January 8, 2020विज्ञापन
हमले को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ बैठक कर रहे हैं। अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने बताया कि लगभग साढ़े पांच बजे इराक में अमेरिकी और गठबंधन सेनाओं के ठिकानों पर एक दर्ज से ज्यादा मिसाइलों से हमला किया गया। पेंटागन ने बयान जारी करके कहा है कि वह हमले में हुए नुकसान का आकलन कर रहा है। ईरानी कमांडर जनरल सुलेमानी की हत्या के बाद से ही ईरान ने अपने तेवर सख्त किए हुए हैं। पहले से ही यह आशंका जताई जा रही थी कि ईरान आक्रामक कदम उठा सकता है।
सार्वजनिक मामलों के लिए अमेरिकी रक्षा सचिव के सहायक जोनाथन हॉफमैन ने बताया कि सात जनवरी को शाम 5.30 बजे (ईएसटी) ईरान ने इराक में अमेरिकी सेना और गठबंधन बलों पर एक दर्जन से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। हॉफमैन ने कहा, यह स्पष्ट है कि ये मिसाइलें ईरान ने लॉन्च की थीं और कम से कम दो इराकी सैन्य बेसों अल-असद और इरबिल को निशाना बनाया जहां अमेरिकी सेना और गठबंधन सेना ठहरी है।
हम प्रारंभिक युद्ध क्षति का आकलन करने का काम कर रहे हैं। बता दें कि ईरान सुलेमानी की मौत का बदला लेने की धमकी दे चुका है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी किसी स्थिति में पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।
ट्रंप ने सुलेमानी को बताया राक्षस
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सुलेमानी को राक्षस करार दिया। उन्होंने कहा कि उसे सब राक्षस बुलाते थे, वह एक राक्षस था, अब वह राक्षस नहीं रहा, वह मर गया। उन्होंने आगे कहा, 'वह हम पर और दूसरे देशों पर एक बड़े और घातक हमले की योजना बना रहा था। हमने उसे रोक दिया।'
उन्होंने विपक्षी दल डेमोक्रेटिक पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सुलेमानी की मौत का विरोध वही लोग रहे हैं जो राष्ट्रपति चुनाव जीतना चाहते हैं।
US President on Iranian military commander Qasem Soleimani: I don't think anybody can complain about it, I don't hear too many people other than politicians who are trying to win the presidency. Those are the ones who are complaining. But I don't hear anybody else complaining. https://t.co/MFXbLr0Rrx
— ANI (@ANI) January 7, 2020
इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ को अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया है। उन्हें न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के लिए जाना था।