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USA: 'हमारे नागरिक को नुकसान पहुंचाना बर्दाश्त नहीं करेंगे', निखिल गुप्ता के प्रत्यर्पण पर बोले अटॉर्नी जनरल
Tue, 18 Jun 2024 08:19 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 18 Jun 2024 08:19 AM IST
सार
निखिल गुप्ता को 14 जून को चेक रिपब्लिक से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया। सोमवार को गुप्ता को न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश किया गया। गुप्ता के वकील जेफ्री चैब्रो ने बताया कि गुप्ता ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया।
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निखिल गुप्ता को ले जाते अमेरिकी सुरक्षा बल
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नूं की हत्या की साजिश रचने के कथित आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को चेक रिपब्लिक से अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया है। जिसके बाद अमेरिका के अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने कहा कि निखिल गुप्ता को अब अमेरिकी अदालत में न्याय का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका उसके नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगा। निखिल गुप्ता (53 वर्षीय) जिन्हें निक नाम से भी जाना जाता है, उन्हें बीते साल 30 जून को चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार किया गया था।
14 जून को निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया
निखिल गुप्ता को 14 जून को चेक रिपब्लिक से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया। सोमवार को गुप्ता को न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश किया गया। गुप्ता के वकील जेफ्री चैब्रो ने बताया कि गुप्ता ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल गारलैंड ने कहा कि 'निखिल गुप्ता को भारतीय सरकारी कर्मचारी के निर्देश पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रचने के आरोप में अब अमेरिकी अदालत में न्याय का सामना करना होगा।'
गुप्ता को दोषी पाए जाने पर हो सकती है 10-10 साल की सजा
गुप्ता पर हत्या की सुपारी देने और हत्या की साजिश रचने का आरोप है। अगर निखिल गुप्ता को दोषी पाया जाता है तो उन्हें हर आरोप के लिए 10-10 साल की अधिकतम सजा हो सकती है। अमेरिका की डिप्टी अटॉर्नी जनरल लिसा मोनाको ने कहा कि न्यूयॉर्क में अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश भारत सरकार के अधिकारी द्वारा रची गई। यह अमेरिका में अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का इस्तेमाल करने वाले राजनीतिक कार्यकर्ता को खामोश करने की बेशर्म कोशिश थी। आरोपी का अमेरिका में प्रत्यर्पण न्याय की दिशा में अहम कदम है।
एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने भी कहा कि अमेरिका ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगा, जिसमें इसके नागरिकों की अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने की कोशिश की जाती हो। हम अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करते रहेंगे। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, बीते साल एक भारतीय सरकारी अधिकारी ने कथित तौर पर निखिल गुप्ता के साथ मिलकर अमेरिका में अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रची थी।
भारत में वांछित आतंकवादी है पन्नूं
गुप्ता एक भारतीय नागरिक है जो भारत में रहता है, जो भारतीय सरकारी अधिकारी (CC-1) का सहयोगी है। गुप्ता को अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी में शामिल बताया गया है। CC-1 एक भारतीय सरकारी खुफिया एजेंसी का कर्मचारी है। कोर्ट के दस्तावेजों के अनुसार, CC-1 ने भारत से ही गुरपतवंत सिंह पन्नूं की हत्या की साजिश रची। संघीय अभियोजकों ने आरोप लगाया कि CC-1 ने मई 2023 में अमेरिका में हत्या की साजिश रचने के लिए गुप्ता की भर्ती की। संघीय अभियोजकों ने कहा कि पन्नूं भारत सरकार का मुखर आलोचक हैं और एक अमेरिकी संगठन का नेतृत्व करते हैं जो पंजाब के अलगाव की वकालत करता है। पंजाब उत्तर भारत का एक राज्य है, जहां सिखों की एक बड़ी आबादी रहती है, जो भारत में एक जातीय-धार्मिक अल्पसंख्यक समूह है।
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14 जून को निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया
निखिल गुप्ता को 14 जून को चेक रिपब्लिक से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया। सोमवार को गुप्ता को न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश किया गया। गुप्ता के वकील जेफ्री चैब्रो ने बताया कि गुप्ता ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल गारलैंड ने कहा कि 'निखिल गुप्ता को भारतीय सरकारी कर्मचारी के निर्देश पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रचने के आरोप में अब अमेरिकी अदालत में न्याय का सामना करना होगा।'
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#WATCH | Visuals of Nikhil Gupta who was extradited to the US
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Nikhil Gupta, an Indian national is accused by the United States of being involved in a murder-for-hire plot against Sikh separatist Gurpatwant Singh Pannun.
(Source: Czech police via Reuters) pic.twitter.com/r8IHL42v2s— ANI (@ANI) June 18, 2024
गुप्ता को दोषी पाए जाने पर हो सकती है 10-10 साल की सजा
गुप्ता पर हत्या की सुपारी देने और हत्या की साजिश रचने का आरोप है। अगर निखिल गुप्ता को दोषी पाया जाता है तो उन्हें हर आरोप के लिए 10-10 साल की अधिकतम सजा हो सकती है। अमेरिका की डिप्टी अटॉर्नी जनरल लिसा मोनाको ने कहा कि न्यूयॉर्क में अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश भारत सरकार के अधिकारी द्वारा रची गई। यह अमेरिका में अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का इस्तेमाल करने वाले राजनीतिक कार्यकर्ता को खामोश करने की बेशर्म कोशिश थी। आरोपी का अमेरिका में प्रत्यर्पण न्याय की दिशा में अहम कदम है।
एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने भी कहा कि अमेरिका ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगा, जिसमें इसके नागरिकों की अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने की कोशिश की जाती हो। हम अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करते रहेंगे। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, बीते साल एक भारतीय सरकारी अधिकारी ने कथित तौर पर निखिल गुप्ता के साथ मिलकर अमेरिका में अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रची थी।
भारत में वांछित आतंकवादी है पन्नूं
गुप्ता एक भारतीय नागरिक है जो भारत में रहता है, जो भारतीय सरकारी अधिकारी (CC-1) का सहयोगी है। गुप्ता को अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी में शामिल बताया गया है। CC-1 एक भारतीय सरकारी खुफिया एजेंसी का कर्मचारी है। कोर्ट के दस्तावेजों के अनुसार, CC-1 ने भारत से ही गुरपतवंत सिंह पन्नूं की हत्या की साजिश रची। संघीय अभियोजकों ने आरोप लगाया कि CC-1 ने मई 2023 में अमेरिका में हत्या की साजिश रचने के लिए गुप्ता की भर्ती की। संघीय अभियोजकों ने कहा कि पन्नूं भारत सरकार का मुखर आलोचक हैं और एक अमेरिकी संगठन का नेतृत्व करते हैं जो पंजाब के अलगाव की वकालत करता है। पंजाब उत्तर भारत का एक राज्य है, जहां सिखों की एक बड़ी आबादी रहती है, जो भारत में एक जातीय-धार्मिक अल्पसंख्यक समूह है।