{"_id":"605e7e6d2c7d506620647891","slug":"new-zealand-will-get-three-days-paid-leave-on-abortion-law-passed-in-parliament","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत भरा फैसला: न्यूजीलैंड में गर्भपात पर मिलेगा तीन दिन का वैतनिक अवकाश, संसद में कानून पास","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
राहत भरा फैसला: न्यूजीलैंड में गर्भपात पर मिलेगा तीन दिन का वैतनिक अवकाश, संसद में कानून पास
Sat, 27 Mar 2021 06:08 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस ऑकलैंड
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस ऑकलैंड
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 27 Mar 2021 06:08 AM IST
सार
- इस कानून के तहत गर्भावस्था के दौरान किसी भी समय गर्भपात होने पर कर्मचारी ले सकेंगे यह अवकाश
- गर्भ गिरने जैसी दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति से मां-बाप को उबरने के लिए उठाया प्रगतिशील कदम
विज्ञापन
न्यूजीलैंड गर्भपात कानून
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
न्यूजीलैंड में गर्भपात का सामना करने वाले जोड़ों को अब तीन दिन का सवैतनिक अवकाश (पैड लीव) दिया जाएगा। हाल ही में वहां इस विधेयक को संसद ने मंजूरी दी है और जल्द यह कानून का रूप ले लेगा। इसके तहत गर्भावस्था के दौरान किसी भी समय गर्भपात (मिसकैरेज) होने पर कर्मचारी यह अवकाश ले सकेंगे। हालांकि, यह कानून अबॉर्शन की स्थिति में लागू नहीं होगा।
विज्ञापन
गर्भ गिरने जैसी दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति से मां-बाप को उबरने के लिए उठाया प्रगतिशील कदम
वैसे, देश में इससे पहले भी गर्भपात में पेड लीव का प्रावधान था पर वह 20 हफ्ते या उससे ऊपर की गर्भवास्था में ही दिया जाता था। संसद में विधेयक पारित होने पर न्यूजीलैंड की श्रम मंत्री गिन्नी एंडरसन ने कहा, गर्भपात जैसी दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति से मां-बाप को उबरने के लिए थोड़ा समय चाहिए होता है।
विज्ञापन
नए प्रावधान के बाद वे अधिकारपूर्वक अवकाश ले सकेंगे। खासतौर पर इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा। यह कानून उन सभी अभिभावकों पर भी लागू होगा, जिनकी बच्चा गोद लेने या सरोगेसी से बच्चा करने की योजना है।
विज्ञापन
12 हजार गर्भपात
कॉलेज ऑफ मिडवाइव्ज के आंकड़ों को देखें तो 50 लाख की आबादी वाले न्यूजीलैंड को हर साल 5,900 से लेकर 11,800 गर्भपात का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से 95 फीसदी गर्भपात गर्भावस्था के पहले 12-14 हफ्तों में होते हैं।