US: निखिल गुप्ता की याचिका पर अदालत ने अमेरिकी सरकार से तलब किया जवाब, सुनाया यह आदेश
अमेरिकी जिला न्यायाधीश विक्टर मारेरो ने सरकार को आदेश दिए हैं कि तीन दिनों के भीतर जवाब दें। बता दें, संघ की ओर से पेश वकील मैथ्यू जी. ऑलसेन ने आरोप लगाते हुए कहा कि गुप्ता पन्नू को मारने की साजिश रच रहे थे। इसमें एक भारतीय सरकारी कर्मचारी उनका साथ दे रहे थे।
विस्तार
अमेरिका में खालिस्तानी आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने वाले निखिल गुप्ता इन दिनों हिरासत में हैं। इस दौरान न्यूयॉर्क की एक अदालत ने संघीय सरकार को आदेश दिया है कि वे गुप्ता के वकीलोें द्वारा दायर याचिका का जवाब दे। गुप्ता के वकीलों ने मांग की है कि सरकार पन्नू की हत्या की साजिश रचने से संबंधित मामलों के सबूत उपलब्ध कराए। गुप्ता ने चार जनवरी 2024 को सबूत उपलब्ध कराने के लिए याचिका दायर की थी।
कोर्ट में सरकार के वकील ने लगाए यह आरोप
अमेरिकी जिला न्यायाधीश विक्टर मारेरो ने सरकार को आदेश दिए हैं कि तीन दिनों के भीतर जवाब दें। बता दें, संघ की ओर से पेश वकील मैथ्यू जी. ऑलसेन ने आरोप लगाते हुए कहा कि गुप्ता पन्नू को मारने की साजिश रच रहे थे। इसमें एक भारतीय सरकारी कर्मचारी उनका साथ दे रहे थे। गुप्ता पर आरोप है कि वह पैसे के बदले हत्या की साजिश रच रहा था। मामले में 10 साल के जेल की सजा है। बता दें, मामले की जांच के लिए भारत पहले ही एक जांच समिति का गठन कर चुका है।
अब जानिए, कौन है निखिल गुप्ता और क्या लगे हैं आरोप
अमेरिका के न्याय विभाग के अनुसार, 52 वर्षीय निखिल गुप्ता एक भारतीय नागरिक हैं। 30 जून 2023 को चेक रिपब्लिक में गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब चेक रिपब्लिक से निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पण किया जाएगा। अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि भारत के एक सरकारी अधिकारी, जिसके नाम का खुलासा नहीं हुआ है, वह निखिल गुप्ता और अन्य उस सरकारी अधिकारी के संपर्क में था। ये लोग अमेरिका में एक राजनीतिक कार्यकर्ता, जो भारतीय मूल का है और अमेरिकी नागरिक है, उसकी हत्या की साजिश रच रहे थे।
30 जून से जेल में बंद है निखिल
एक याचिका में कहा गया था कि गुप्ता कानून का पालन करने वाले भारतीय नागरिक हैं। उन्हें हिरासत में लेकर प्राग के जेल में रखा गया है। उनकी जान को खतरा है। निखिल जून से चेक गणराज्य के जेल में बंद है। याचिका में कहा गया था कि 30 जून 2023 से निखिल चेक अधिकारियों की अवैध हिरासत में है।