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नया शोध कहता है कि अक्सर देर से सोते हैं बुद्धिमान लोग और बोलते हैं अभद्र भाषा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 06 Oct 2018 03:56 PM IST
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बचपन में आपने अंग्रेजी की वह कहावत जरूर पढ़ी होगी - अर्ली टू बेड अर्ली टू राइज, मेक्स ए मैन हेल्दी वेल्दी एंड वाइज। हिंदी में इसका अर्थ होता है कि जल्दी सोने और जल्दी जागने से व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहता है, वह धनवान और बुद्धिमान भी बनता है।
भारतीय जीवनशैली में देर से सोने और देर से जागने को बहुत बुरा और हानिकारक माना गया है। लेकिन पश्चिमी जगत में हुए एक अध्ययन के मुताबिक देर से सोने वाले लोगों को बुद्धिमान माना है।
इस अध्ययन के मुताबिक जिन लोगों का बौद्धिक स्तर (आईक्यू) अधिक होता है, वे रात में अधिक सक्रिय होते हैं, लिहाजा अधिक रात तक जागते हैं। अध्ययन के मुताबिक जिन लोगों का आईक्यू 75 से कम होता है, वे रात में 11:41 बजे तक जगते हैं और वहीं जिन लोगों का आईक्यू 123 से अधिक है, वे आमतौर पर मध्यरात्रि के बाद यानी 12:30 बजे तक जागते हैं।
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इस शोध में इस तरह के लोगों को स्मार्ट कहा गया है। इनके बारे में यह भी कहा गया कि स्मार्ट लोगों में बाकियों की तुलना में चीजों और परिस्थितियों के मुताबिक अनुकूलन क्षमता अधिक होती है। ऐसे लोग समस्याओं का समाधान खोजने में दिलचस्पी रखते हैं।
सकारात्मक नजरिया
अध्ययन के मुताबिक ऐसे लोगों की खास निशानी यह होती है कि इनका चीजों को देखने का नजरिया सकारात्मक होता है। वे हर चीज में सकारात्मकता खोजते हुए उसमें से सर्वश्रेष्ठ निकालने की कोशिश करते हैं।
अभद्र भाषा का इस्तेमाल
इस शोध में यह भी कहा गया कि ये लोग थोड़ा बेतरतीब ढंग से जीते हैं। बहुत सुव्यस्थित नहीं होते। अक्सर अपनी बातों को रखने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं जो शिष्टता के दायरे में नहीं आते। यानी वे अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
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भारतीय जीवनशैली में देर से सोने और देर से जागने को बहुत बुरा और हानिकारक माना गया है। लेकिन पश्चिमी जगत में हुए एक अध्ययन के मुताबिक देर से सोने वाले लोगों को बुद्धिमान माना है।
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इस अध्ययन के मुताबिक जिन लोगों का बौद्धिक स्तर (आईक्यू) अधिक होता है, वे रात में अधिक सक्रिय होते हैं, लिहाजा अधिक रात तक जागते हैं। अध्ययन के मुताबिक जिन लोगों का आईक्यू 75 से कम होता है, वे रात में 11:41 बजे तक जगते हैं और वहीं जिन लोगों का आईक्यू 123 से अधिक है, वे आमतौर पर मध्यरात्रि के बाद यानी 12:30 बजे तक जागते हैं।
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इस शोध में इस तरह के लोगों को स्मार्ट कहा गया है। इनके बारे में यह भी कहा गया कि स्मार्ट लोगों में बाकियों की तुलना में चीजों और परिस्थितियों के मुताबिक अनुकूलन क्षमता अधिक होती है। ऐसे लोग समस्याओं का समाधान खोजने में दिलचस्पी रखते हैं।
सकारात्मक नजरिया
अध्ययन के मुताबिक ऐसे लोगों की खास निशानी यह होती है कि इनका चीजों को देखने का नजरिया सकारात्मक होता है। वे हर चीज में सकारात्मकता खोजते हुए उसमें से सर्वश्रेष्ठ निकालने की कोशिश करते हैं।
अभद्र भाषा का इस्तेमाल
इस शोध में यह भी कहा गया कि ये लोग थोड़ा बेतरतीब ढंग से जीते हैं। बहुत सुव्यस्थित नहीं होते। अक्सर अपनी बातों को रखने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं जो शिष्टता के दायरे में नहीं आते। यानी वे अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं।